चौकठा नरवर में जीवो टेक्सटाइल ट्यूब कटर का निर्माण शुरू
पूर्व विधायक की पहल से आधा दर्जन गांव का बचेगा अस्तित्व
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। बाढ़ प्रखंड विभाग द्वारा माण्डा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गंगा कटान को रोकने की योजना पर अमल शुरू किया है।वर्षो से एक दर्जन गांवों की मांग पर पूर्व विधायक श्रीमती नीलम करवरिया ने शासन को गंगा कटान पर रोक लगाने की मांग कर तटबंधों के निर्माण तथा गंगा जी की धारा को मोड़ने का प्रस्ताव दिया था।योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को गम्भीरता से लेते हुए इसे हरी झंडी दी है।सबसे अधिक प्रभावित चौकठा नरवर में जीवो टेक्सटाइल ट्यूब कटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बाढ़ प्रखंड विभाग द्वारा तट बन्ध के जरिए गंगा के प्रवाह को मोड़ने की एक कोशिश जरूर की थी लेकिन इसमें अपेक्षित सफलता नही मिल पाई है।बाद में चौकठा नरवर, उमापुर कला सहित आधा दर्जन गांवों को गंगा कटान से बचाने के लिए घाट पर जीवो टेक्सटाइल ट्यूब कटर का निर्माण कराया जा रहा है।करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले तीन परत की ट्यूब के माध्यम से पीचिंग तैयार कर गंगा के तेज प्रवाह को रोका जा सकेगा जिससे कटान पर प्रभावी रोक लग सकती है।बीते वर्ष अछोला गंगा घाट पर ट्यूब कटर का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। आगामी जुलाई तक उमापुर व चौकठा नरवर गंगा घाट पर ट्यूब कटर का कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। इस योजना से बाढ़ के समय गंगा कटान से परेशान तटवर्ती एक दर्जन गांवों को राहत मिलेगी। गंगा कटान के कारण अछोला, चौकठा, नरवर, बभनी हेठार, उमापुर कला, डेंगूरपुर आदि गांव की सैकड़ों बीघे उपजाऊ भूमि सहित बड़ी संख्या में रिहायशी मकान गंगा में समाहित हो चुके हैं। इतना ही नहीं बेरुका गांव का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। चौकठा नरवर की सैकड़ो एकड़ जमीन व दर्जनों घर गंगा में समाहित हो चुके हैं।यहाँ बीते वर्ष ग्रामीणों ने लगभग दो माह तक क्रमिक अनशन किया था।। मेजा की तत्कालीन विधायक नीलम करवरिया ने लोगों को आस्वस्त किया था कि इसके निदान के लिए हर स्तर पर प्रयास करेंगे।उनकी कोशिश अब परवान चढ़ रही है।उंन्होने विभाग से स्टीमेट तैयार कराकर शासन से बजट पास कराया था। बाढ़ प्रखंड के सहायक अभियंता दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि अछोला गांव में 400 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा जिओ टैक्सटाइल्स ट्यूब कटर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उमापुर कला गांव में 300 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर तथा पत्थर बिछाकर गंगा के प्रवाह को रोकने का प्रयास जारी है।नरवर चौकठा में गंगा पानी के अंदर 30 मीटर से निर्माण शुरू करने के लिए घाट तक रास्ता निर्माण शुरू है।शीघ्र ही यहाँ पिचिंग शुरू की जाएगी।



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