मूर्ति स्थापना के लिए निकली भव्य शोभायात्रा
कुंडा-प्रतापगढ़। बाबागंज मे मां भद्रकाली पीठ में चल रही राम कथा के पांचवें दिन प्रख्यात कथावाचक अतुल जी महाराज के निर्देशन में और वृंदावन से आए आचार्य नीरज पाराशर की अगुवाई में प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियों की एक भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा बैंड बाजे, डीजे,घोड़े,हाथियों के साथ निकाली गई। जो बाबागंज बाजार से नरई के रास्ते संग्रामगढ़ तक पहुंचने के बाद पुनः अशोगी के रास्ते क्षेत्र के कई मंदिरों में होते हुए आकर भद्रकाली पीठ पर समाप्त हो गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालु नाचते गाते हुए शोभायात्रा के साथ चल रहे थे। तत्पश्चात कथा में आचार्य अतुल महाराज ने आज के वर्तमान परिवेश में सनातन धर्म एवं रामचरितमानस पर कुछ लोगों द्वारा तरह-तरह की अनर्गल टिप्पणी पर कथा के दौरान चर्चा करते हुए कहा कि जब-जब सनातन धर्म के ऊपर अन्याय एवं अत्याचार बढ़ता है। तब प्रभु किसी न किसी रूप में इस धरा पर अवतरित होते हैं। सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों का समूल नाश करते हैं। आज कथा में राम जन्म एवं भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के बाल रूप का अपने अंतः करण में दर्शन करने मात्र से ही मनुष्य संसार रूपी भवसागर से पार हो जाता है। इस दौरान मुख्य यजमान हुकुमचंद जायसवाल ,मूलचंद जायसवाल, अरविंद शुक्ला, रामू पांडे, विनोद उपाध्याय, सुमित जायसवाल, कोटेदार विनोद शुक्ला, कृष्णचन्द्र, शुभम ,सौरभ,आदर्श शुक्ला, डीएम द्विवेदी ,तनुज पांडे, अमित मिश्रा आजाद समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
मूर्ति स्थापना के लिए निकली भव्य शोभायात्रा
कुंडा-प्रतापगढ़। बाबागंज मे मां भद्रकाली पीठ में चल रही राम कथा के पांचवें दिन प्रख्यात कथावाचक अतुल जी महाराज के निर्देशन में और वृंदावन से आए आचार्य नीरज पाराशर की अगुवाई में प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियों की एक भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा बैंड बाजे, डीजे,घोड़े,हाथियों के साथ निकाली गई। जो बाबागंज बाजार से नरई के रास्ते संग्रामगढ़ तक पहुंचने के बाद पुनः अशोगी के रास्ते क्षेत्र के कई मंदिरों में होते हुए आकर भद्रकाली पीठ पर समाप्त हो गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालु नाचते गाते हुए शोभायात्रा के साथ चल रहे थे। तत्पश्चात कथा में आचार्य अतुल महाराज ने आज के वर्तमान परिवेश में सनातन धर्म एवं रामचरितमानस पर कुछ लोगों द्वारा तरह-तरह की अनर्गल टिप्पणी पर कथा के दौरान चर्चा करते हुए कहा कि जब-जब सनातन धर्म के ऊपर अन्याय एवं अत्याचार बढ़ता है। तब प्रभु किसी न किसी रूप में इस धरा पर अवतरित होते हैं। सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों का समूल नाश करते हैं। आज कथा में राम जन्म एवं भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के बाल रूप का अपने अंतः करण में दर्शन करने मात्र से ही मनुष्य संसार रूपी भवसागर से पार हो जाता है। इस दौरान मुख्य यजमान हुकुमचंद जायसवाल ,मूलचंद जायसवाल, अरविंद शुक्ला, रामू पांडे, विनोद उपाध्याय, सुमित जायसवाल, कोटेदार विनोद शुक्ला, कृष्णचन्द्र, शुभम ,सौरभ,आदर्श शुक्ला, डीएम द्विवेदी ,तनुज पांडे, अमित मिश्रा आजाद समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



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