आजादी के बाद कब्जा मुक्त हुई दो चकरोड, समाजसेवी जय शुक्ल ने बताया सच की जीत
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा भूमाफियाओं के खिलाफ चलाये गए अभियान की वजह से क्षेत्र के दिघिया गांव के दर्जनों परिवार देश की आजादी के बाद पहली बार दबंगो के कब्जे से मुक्त हुआ है। एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद गांव की दो चकरोड और चकनाली का मसला हल होने पर जय शंकर शुक्ल ने कहा सच फिर जीत गया है।
देश मे चल रहे आजादी के अमृत महोत्सव के दौर में दबंगों द्वारा किए गए दो चकरोड़ों पर कब्जा मुक्त होने और उनके निर्माण से दिघिया गांव की एक बस्ती में जश्न का माहौल है।एक दशक से इस अहम मुद्दे पर लड़ाई लड़ने वाले जय शंकर शुक्ल ने बताया कि चकरोड संख्या 901 और 902 पर शुरू से कब्जा था और बस्ती के लोगों की आवाजाही बाधित रही है। यह मामला न्यायालय से लेकर प्रशासनिक अमले के सज्ञान में था। प्रत्येक स्तर पर सच को स्वीकार करते हुए भी तंत्र किसी ना किसी रूप में वेवस रहा।दबंगो द्वारा कूट रचित तरीके से और फर्जी दस्तावेज के जरिए अमले को बरगलाने की कोशिश की लेकिन अंत मे सच की जीत हुई।जय शंकर शुक्ल ने कहा न्याय अभी जिंदा है। गांव के अनिल शुक्ल, आराधना शुक्ल, रामबाबू,अनिल सिंह,ओम प्रकाश,राजेस्वर प्रसाद तिवारी सहित दर्जनों लोगों ने इस जीत पर खुशी जताई है।लोंगों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दबंगो और माफियाओं के खिलाफ अभियान रंग दिखने लगा है।यह लाचार और बेबस लोगों के लिए शुभ संकेत है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें








































































