V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

रामनाम के सुमिरन में है जीवन का कल्याण-आचार्य मनीष कृष्ण

लालगंज के जंगली वीर बाबा पर श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु
लालगंज, प्रतापगढ़। नगर के जंगली वीर बाबा में तीन दिवसीय श्रीराम कथा के सुनने को लेकर श्रद्धालुओं की रविवार शाम भारी भीड़ उमडी दिखी। कथाव्यास आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीराम नाम के जीवन में एक मात्र सुमिरन से मनुष्य को वैकुण्ठ का सुख मिल जाया करता है। उन्होने कहा कि जहां ज्ञान होगा और जहां नैतिक चरित्र होगा वहीं श्रीराम विराजमान हुआ करते है। आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जीवन के सुधार के लिए भी कलि के कलिकाल मे रामनाम का भजन करना ही एक मात्र सहारा है। उन्होनें कहा कि कुबुद्धि विनाश का आमंत्रण दिया करती है। अयोध्या की राजसत्ता की मर्यादा ऐसी रही कि भगवान के चौदह वर्ष के वनबास में काल भी अयोध्या मे प्रवेश करने का साहस नही जुटा सका। वहीं कथा समापन पर आयोजक मण्डल द्वारा व्यासपीठ पर आचार्य मनीष कृष्ण का सारस्वत सम्मान किया गया। भगवताचार्य विनय शुक्ल ने भी समापन संध्या पर भगवान श्रीराम के मर्यादा चरित्र का बखान किया। कथा के संयोजक सुरेन्द्र ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। कथा के दौरान मानस की चौपाइयों के सुमधुर संगीतमयी गायन व श्रीराम के भजनों पर महिला श्रद्धालुओं को भी संगत मे मगन देखा गया। वहीं श्रद्धालुओं ने जंगली वीर बाबा धाम में दर्शन पूजन कर मन्नतें मांगी। इस मौके पर विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, केडी मिश्र, हृदय नारायण मिश्र, जय कौशल, ओमप्रकाश तिवारी झुन्ना, पन्ने लाल पाल, घनश्याम संवरिया, सर्वजीत गुप्ता, एसएन त्रिपाठी, राजू पाण्डेय, मुरलीधर तिवारी, मिल्लू मिश्रा, सौरभ शास्त्री, छोटे लाल सरोज, सुमित त्रिपाठी आदि रहे।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

लालगंज के जंगली वीर बाबा पर श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु
लालगंज, प्रतापगढ़। नगर के जंगली वीर बाबा में तीन दिवसीय श्रीराम कथा के सुनने को लेकर श्रद्धालुओं की रविवार शाम भारी भीड़ उमडी दिखी। कथाव्यास आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीराम नाम के जीवन में एक मात्र सुमिरन से मनुष्य को वैकुण्ठ का सुख मिल जाया करता है। उन्होने कहा कि जहां ज्ञान होगा और जहां नैतिक चरित्र होगा वहीं श्रीराम विराजमान हुआ करते है। आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जीवन के सुधार के लिए भी कलि के कलिकाल मे रामनाम का भजन करना ही एक मात्र सहारा है। उन्होनें कहा कि कुबुद्धि विनाश का आमंत्रण दिया करती है। अयोध्या की राजसत्ता की मर्यादा ऐसी रही कि भगवान के चौदह वर्ष के वनबास में काल भी अयोध्या मे प्रवेश करने का साहस नही जुटा सका। वहीं कथा समापन पर आयोजक मण्डल द्वारा व्यासपीठ पर आचार्य मनीष कृष्ण का सारस्वत सम्मान किया गया। भगवताचार्य विनय शुक्ल ने भी समापन संध्या पर भगवान श्रीराम के मर्यादा चरित्र का बखान किया। कथा के संयोजक सुरेन्द्र ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। कथा के दौरान मानस की चौपाइयों के सुमधुर संगीतमयी गायन व श्रीराम के भजनों पर महिला श्रद्धालुओं को भी संगत मे मगन देखा गया। वहीं श्रद्धालुओं ने जंगली वीर बाबा धाम में दर्शन पूजन कर मन्नतें मांगी। इस मौके पर विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, केडी मिश्र, हृदय नारायण मिश्र, जय कौशल, ओमप्रकाश तिवारी झुन्ना, पन्ने लाल पाल, घनश्याम संवरिया, सर्वजीत गुप्ता, एसएन त्रिपाठी, राजू पाण्डेय, मुरलीधर तिवारी, मिल्लू मिश्रा, सौरभ शास्त्री, छोटे लाल सरोज, सुमित त्रिपाठी आदि रहे।

Leave a Comment