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न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रहा तहसील प्रशासन

तेरहमील। उच्च न्यायालय द्वारा चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त ना कराये जाने का आदेश दिये जाने के बावजूद तहसील प्रशासन इसे अवमुक्त ना कराकर माननीय न्यायालय को बार-बार चुनौती दे रहा है । पीड़ित ने मामले पर उचित कार्रवाई न होने पर पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है । पट्टी तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा इटवा के हौसिला प्रसाद उपाध्याय द्वारा दायर याचिका पर चक मार्ग संख्या 421, 354, 514, 489 को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने के लिये पांच दिसम्बर 2022 को लखनऊ खण्डपीठ की एकल बेंच द्वारा आदेश पारित किया गया तथा इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को दी । शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध के बावजूद निशानदेही व नक्शे को नजरअंदाज करते हुए उक्त मार्ग को अभी तक अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया । शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त मार्ग को तहसील प्रशासन अतिक्रमण मुक्त नहीं करेगा तो वह उचित कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय का पुनः दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे । इस बारे में पट्टी के उपजिलाधिकारी देश दीपक से बात करने की कोशिश की गई किंतु उनका फोन नहीं उठा ।

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तेरहमील। उच्च न्यायालय द्वारा चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त ना कराये जाने का आदेश दिये जाने के बावजूद तहसील प्रशासन इसे अवमुक्त ना कराकर माननीय न्यायालय को बार-बार चुनौती दे रहा है । पीड़ित ने मामले पर उचित कार्रवाई न होने पर पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है । पट्टी तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा इटवा के हौसिला प्रसाद उपाध्याय द्वारा दायर याचिका पर चक मार्ग संख्या 421, 354, 514, 489 को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने के लिये पांच दिसम्बर 2022 को लखनऊ खण्डपीठ की एकल बेंच द्वारा आदेश पारित किया गया तथा इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को दी । शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध के बावजूद निशानदेही व नक्शे को नजरअंदाज करते हुए उक्त मार्ग को अभी तक अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया । शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त मार्ग को तहसील प्रशासन अतिक्रमण मुक्त नहीं करेगा तो वह उचित कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय का पुनः दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे । इस बारे में पट्टी के उपजिलाधिकारी देश दीपक से बात करने की कोशिश की गई किंतु उनका फोन नहीं उठा ।

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