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केंचुए मृदा में जल तथा हवा के आवागमन को करते हैं सरलः डॉ अग्रवाल

प्रयागराज। शॉर्ट टर्म कोर्स के अंतर्गत जंतु विज्ञान विभाग सीएमपी कॉलेज प्रयागराज में आज डॉक्टर उमा रानी अग्रवाल पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, सी एम पी, कॉलेज का आमंत्रित व्याख्यान हुआ। डॉ उमा रानी अग्रवाल ने बताया कि केंचुआ का कृषि में महत्व नामक शीर्षक पर बोलते हुए बताया कि केंचुओ को किसानों का मित्र या किसानों की आत्मा कहते हैं। केंचुए मृदा को भुरभुरी बनाते हैं जिससे मृदा में जल तथा वायु का आवागमन बहुत आसानी से हो जाता है। केंचुए मृदा में उपस्थित कृषि अवशेषों को खा कर उन्हें जैविक खाद में परिवर्तित करते रहते हैं। उनके शरीर से निकला पानी जो कि वर्मी वास कहलाता है। उसकी उपयोगिता का भी चर्चा डॉक्टर अग्रवाल ने की।
शॉर्ट टर्म कोर्स के दूसरे व्याख्यान में डॉक्टर हेमलता पंत असिस्टेंट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, सीएमपी कॉलेज प्रयागराज ने केंचुआ खाद बनाने की विधि की पूरी चर्चा विस्तार से की।कार्यक्रम की संयोजिका डॉ नीरजा कपूर, जंतु विज्ञान विभाग, सीएमपी, कॉलेज प्रयागराज ने स्वागत तथा डॉ ज्योति वर्मा संयोजिका शॉर्ट टर्म कोर्स ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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प्रयागराज। शॉर्ट टर्म कोर्स के अंतर्गत जंतु विज्ञान विभाग सीएमपी कॉलेज प्रयागराज में आज डॉक्टर उमा रानी अग्रवाल पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, सी एम पी, कॉलेज का आमंत्रित व्याख्यान हुआ। डॉ उमा रानी अग्रवाल ने बताया कि केंचुआ का कृषि में महत्व नामक शीर्षक पर बोलते हुए बताया कि केंचुओ को किसानों का मित्र या किसानों की आत्मा कहते हैं। केंचुए मृदा को भुरभुरी बनाते हैं जिससे मृदा में जल तथा वायु का आवागमन बहुत आसानी से हो जाता है। केंचुए मृदा में उपस्थित कृषि अवशेषों को खा कर उन्हें जैविक खाद में परिवर्तित करते रहते हैं। उनके शरीर से निकला पानी जो कि वर्मी वास कहलाता है। उसकी उपयोगिता का भी चर्चा डॉक्टर अग्रवाल ने की।
शॉर्ट टर्म कोर्स के दूसरे व्याख्यान में डॉक्टर हेमलता पंत असिस्टेंट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, सीएमपी कॉलेज प्रयागराज ने केंचुआ खाद बनाने की विधि की पूरी चर्चा विस्तार से की।कार्यक्रम की संयोजिका डॉ नीरजा कपूर, जंतु विज्ञान विभाग, सीएमपी, कॉलेज प्रयागराज ने स्वागत तथा डॉ ज्योति वर्मा संयोजिका शॉर्ट टर्म कोर्स ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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