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योग, जादू कठपुतली नृत्य ने मोहा लोगो का मन

लोकमित्र ब्यूरो
नैनी (प्रयागराज)। स्वदेशी शिल्प महोत्सव के मंच पर आज योग , मनोविज्ञान, जादू ,तिलिस्म एवं कठपुतली जैसे विशेष आयोजनों से कार्यक्रम में नया रंग भर गया। आयोजकों द्वारा आज विशेष मुद्दों पर भारतीय संस्कृति एवं लोक कला को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रस्तुतियां एवं आयोजन संपन्न किए गए। आज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में प्रयागराज मंडल की जानी-मानी मनोवैज्ञानिक एवं नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2022 द्वारा सम्मानित हो चुकी मशहूर मनोवैज्ञानिक डॉक्टर ईशान्या राज शामिल हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं संस्था के संरक्षक शशांक शेखर पांडे के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात प्रतापगढ़ से चल कर आए शिल्पी कठपुतली एवं जादूगर कलाकारों की टीम द्वारा जादू ,तिलिस्म एवं पपेट शो अर्थात कठपुतली के जरिए क्षेत्रवासियों को विशेष मनोरंजन कराया गया। इसके बाद  मनोवैज्ञानिक डॉक्टर ईशान्या राज ने आज के दौर में तनाव ग्रस्त जीवन से दूर रहने के टिप्स देते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अंतर्मन की बातों को प्रस्तुत करने के तरीके तथा अवसाद से दूर रहने के लिए उपाय बता कर लोगों से वार्ता की तथा जरूरी टिप्स दिए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रयागराज में योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर योग आचार्य के रूप में जानी जाने वाली योगाचार्य कुमकुम शास्त्री एवं उनकी टीम द्वारा योग कार्यशाला तथा योग पर आधारित नृत्य एवं विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम परिसर में हजारों की भीड़ यह दर्शा रही थी कि स्वदेशी शिल्प महोत्सव का मंच दिन प्रतिदिन एक विशेष कीर्तिमान रच रहा है। जिस मंच पर अब तक 345 कलाकार आ चुके हैं और प्रयागराज में यह मेला एक अनूठी पहचान और छाप छोड़ रहा है। संस्था के सचिव दत्तात्रेय पांडे ने तथा कार्यक्रम प्रभारी एवं गायक तथा उद्घोषक प्रियांशु श्रीवास्तव ने समस्त कलाकारों का आभार व्यक्त किया तथा अतिथियों का अंग वस्त्र एवं तुलसी वृक्ष देकर सम्मान किया। प्रियांशु श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिदिन हो रहा कार्यक्रम विविध कलाओं से तथा विविध भाषाओं एवं विधाओं से सजा हुआ संगम है। जो कि निश्चित रूप से क्षेत्र वासियों को एक संदेश देने का कार्य कर रहा है और नई प्रतिभाओं को मंच देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा रहा है। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक निर्देशक एवं गायक आशीष शर्मा द्वारा राष्ट्रगान से संपन्न हुआ।

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नैनी (प्रयागराज)। स्वदेशी शिल्प महोत्सव के मंच पर आज योग , मनोविज्ञान, जादू ,तिलिस्म एवं कठपुतली जैसे विशेष आयोजनों से कार्यक्रम में नया रंग भर गया। आयोजकों द्वारा आज विशेष मुद्दों पर भारतीय संस्कृति एवं लोक कला को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रस्तुतियां एवं आयोजन संपन्न किए गए। आज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में प्रयागराज मंडल की जानी-मानी मनोवैज्ञानिक एवं नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2022 द्वारा सम्मानित हो चुकी मशहूर मनोवैज्ञानिक डॉक्टर ईशान्या राज शामिल हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं संस्था के संरक्षक शशांक शेखर पांडे के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात प्रतापगढ़ से चल कर आए शिल्पी कठपुतली एवं जादूगर कलाकारों की टीम द्वारा जादू ,तिलिस्म एवं पपेट शो अर्थात कठपुतली के जरिए क्षेत्रवासियों को विशेष मनोरंजन कराया गया। इसके बाद  मनोवैज्ञानिक डॉक्टर ईशान्या राज ने आज के दौर में तनाव ग्रस्त जीवन से दूर रहने के टिप्स देते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अंतर्मन की बातों को प्रस्तुत करने के तरीके तथा अवसाद से दूर रहने के लिए उपाय बता कर लोगों से वार्ता की तथा जरूरी टिप्स दिए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रयागराज में योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर योग आचार्य के रूप में जानी जाने वाली योगाचार्य कुमकुम शास्त्री एवं उनकी टीम द्वारा योग कार्यशाला तथा योग पर आधारित नृत्य एवं विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम परिसर में हजारों की भीड़ यह दर्शा रही थी कि स्वदेशी शिल्प महोत्सव का मंच दिन प्रतिदिन एक विशेष कीर्तिमान रच रहा है। जिस मंच पर अब तक 345 कलाकार आ चुके हैं और प्रयागराज में यह मेला एक अनूठी पहचान और छाप छोड़ रहा है। संस्था के सचिव दत्तात्रेय पांडे ने तथा कार्यक्रम प्रभारी एवं गायक तथा उद्घोषक प्रियांशु श्रीवास्तव ने समस्त कलाकारों का आभार व्यक्त किया तथा अतिथियों का अंग वस्त्र एवं तुलसी वृक्ष देकर सम्मान किया। प्रियांशु श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिदिन हो रहा कार्यक्रम विविध कलाओं से तथा विविध भाषाओं एवं विधाओं से सजा हुआ संगम है। जो कि निश्चित रूप से क्षेत्र वासियों को एक संदेश देने का कार्य कर रहा है और नई प्रतिभाओं को मंच देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा रहा है। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक निर्देशक एवं गायक आशीष शर्मा द्वारा राष्ट्रगान से संपन्न हुआ।

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