लोकमित्र ब्यूरो
नारीबारी (प्रयागराज)। किसी भी क्षेत्र के विकास का आईना सड़क होती है।सड़क अच्छी हो तो घंटों की दूरी कम समय में तय की जा सकती है। सड़क गड्ढों से भरा हो तो मिनटों के सफर के लिए घंटो लगते हैं। स्थानीय लोग अब यह मानने लगें है कि सरकार की गड्ढा मुक्त योजना सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गई है।सीएम का आदेश और सूबे में भाजपा सरकार से लोगों को काफी उम्मीदें थी कि सड़कों और पतली पतली गलियारों की दुर्दशा सुधर जाएगी. मुख्यमंत्री ने भी सत्ता में आते ही सड़कों को छह माह के अंदर गड्ढा मुक्त करने का दावा किया था, लेकिन सरकारी हुक्मरानों के फेर में मुख्यमंत्री का दावा भी कागजों का पेट भरने तक सीमित रह गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण सड़कों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आपको बता दें दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले देवरा चौराहे से इटवा चौराहा होते हुए भागदेवा चौराहे तक सड़को में बहुत ही भयावह गड्ढे हो गए हैं जो शंकरगढ़ ब्लॉक जाने वाला मुख्य मार्ग भी है कुछ वर्ष पुर्व में डामर मटेरियल से निर्माण किया गया था लेकिन दिन बा दिन बीतते ही सड़क जर्जर होता जा रहा है। गांव का कायाकल्प करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार हर साल ग्राम पंचायत को एवं नगर पंचायत को लाखों करोड़ों रुपए देती हैं। इन पैसों से वहां शौचालय, नाली, पीसीसी सड़क ,साफ-सफाई आदि निर्माण होने चाहिएl लेकिन सड़क दुर्घटना को दावत दे रहे हैं।गावो में सफाई कर्मचारी कभी आते नहीं है जिससे गांव में गंदगी होने से बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है।वही सड़क पर छोटे- बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिससे ग्रामीण वाहन चालक प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम के लोग बताते है कि पूर्व में कुछ ही साल पहले रोड का कार्य करवाया गया था, लेकिन सही तरीके से कार्य नहीं किया गया जिससे इस मार्ग से चलने वाले ग्रामीण यात्रियों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है l कई स्कूल के वाहन भी इसी रास्ते से निकलते हैं और सड़क में कई ऐसे गद्दे भी है तो काल से कम नहीं ऐसे में किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है



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