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कोखराज क्षेत्र में कारोबारी से 15 लाख की हुई लूट का आईजी व एसपी ने किया खुलासा

एसपी के कुशल मार्गदर्शन ने पुलिस टीम को कम समय मे मिली सफलता
कौशाम्बी।  सिराथू सर्किलके कोखराज कोतवाली इलाके में  गत दिनों एक्सयूवी सवार गुजरात के कारोबारी को अगवा कर 15 लाख की लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस को ब्लाइंड रॉबरी में फास्ट ट्रैग के जरिए सफलता मिली है। लूटकांड में शामिल 4 अंतर्जनपदीय लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को एक लुटेरे की गाड़ी से ही 15 लाख मिला था। इसके अलावा लुटेरों के पास से फर्जी नंबर प्लेट की सफारी गाड़ी, वादी का आधार कार्ड, 4 मोबाइल एवं 30 सिम कार्ड भी मिला है। पुलिस की गिरफ्त से अभी भी दो अंतरराज्यीय लुटेरे दूर हैं। कौशांबी पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी प्रयागराज प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में एसओजी समेत 5 टीमें गठित की गई थी। कारोबारी वाराणसी से नकदी लेकर अपनी चालक के साथ गुजरात के लिए निकला था। गुजरात प्रदेश के  पाटन जिला निवासी अजीत उर्फ पिंटू सिंह आलू की खरीद एवं बिक्री का कारोबार करता है। एक अक्टूबर की रात को वह कई कारोबारियों का पैसा लेकर वाराणसी से अपने चालक के साथ एक्सयूवी कार द्वारा गुजरात के लिए निकला था। अभी वह आधी रात को कोखराज के हाइवे स्थित ककोढ़ा के पास पहुंचे थे। तभी सफेद कलर की फोर्ड एवं ग्रे कलर की ईको कार सवार बदमाशों ने कारोबारी की गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने कारोबारी एवं उसके चालक को पीट कर अगवा कर लिया। बदमाशों ने रुपए से भरा बैग लूट लिया। थोड़ी दूर ले जाने के बाद कारोबारी एवं चालक को गाड़ी सहित छोड़कर फरार हो गए। कारोबारी ने पुलिस को लूट की सूचना दी। सूचना मिलते ही कोखराज पुलिस हरकत में आई और कांबिंग कर लुटेरों की धरपकड़ में जुट गई। हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते कौशांबी एसपी एएसपी के अलावा प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश भी पहुंचे। उन्होंने कारोबारी से पूछताछ की। इसके अलावा घटनास्थल का मौका मुआयना किया। कारोबारी की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद लूट कांड का खुलासा करने के लिए एडीजी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह, सिराथू क्षेत्राधिकारी डॉ कृष्ण गोपाल सिंह, चायल क्षेत्राधिकारी श्याम कांत, कोखराज प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर एवं एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पांच टीमें गठित की गई। टीमो ने अलग-अलग जगहों पर जाकर घटना के बारे में पूछताछ शुरू कर दिया। इसके अलावा वाराणसी से लेकर कौशांबी तक जितने भी टोल प्लाजा मिले, उन टोल प्लाजा पर पहुंचकर लुटेरों की गाड़ियों की डिटेल खंगाली। लेकिन लूट कांड में शामिल दोनों ही गाड़ियों के नंबर फर्जी होने के चलते पुलिस को सफलता नहीं मिली।  हालांकि पुलिस ने जब फास्ट टैग की डिटेल निकाली तो फास्ट टैग से पुलिस को लुटेरों के पास पहुंचने का सुराग मिला। पुलिस के अनुसार फास्ट टैग भी फर्जी तरीके से बनवाया गया था। लेकिन उसमें मोबाइल नंबर एवं बैंक खाते की डिटेल सही साझा किया गया था। बैंक खाते की डिटेल एवं मोबाइल नंबर लखनऊ के शिवपुरम राजाजीपुरम निवासी अंकित गुप्ता की मिली। इस पर पुलिस ने अंकित को दबोच लिया। उसकी गाड़ी से 15 लाख रुपए भी बरामद कर लिया। अंकित ने पूछताछ के दौरान लूटकांड में शामिल लखनऊ के ही अनूप शुक्ला, आदित्य वर्मा एवं उदय प्रताप का भी नाम बताया। पुलिस ने इन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके अलावा लूटकांड के मास्टर माइंड महाराष्ट्र के पुणे निवासी रोशन एवं मुंबई के बिरजू का भी नाम बताया। दबिश देने से पहले ही दोनों आरोपी फरार हो गए, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है। लुटेरों ने बताया कि लगभग ढाई महीने पहले कारोबारी को लूटने की योजना बनी थी। सभी लुटेरों की मुलाकात मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई थी। तब से वह कारोबारी की रेकी कर रहे थे लेकिन उन्हें सफलता 1 अक्टूबर की रात्रि को मिली थी। प्रयागराज जोन आईजी राकेश सिंह ने बताया कि 1 अक्टूबर की रात को कोखराज हाईवे में कारोबारी को अगवा कर लूट की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी थी। महज कुछ ही घंटों में कारोबारी एवं उसके चालक को बरामद कर लिया गया था। कारोबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए 5 टीमें गठित कर दी गई थी। फास्ट टैग के जरिए पुलिस ने लखनऊ के एक आरोपी को 15 लाख की नगदी समेत गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसने अपने अन्य साथियों का भी नाम कबूला। इतना ही नहीं लुटेरों ने यह भी बताया कि कारोबारी को लूटने के लिए लगभग ढाई महीने से योजना बनाकर लूटने का प्रयास चल रहा था। वाराणसी से लेकर कोखराज के बीच कई दफा गाड़ी को ओवरटेक कर कारोबारी को लूटने का प्रयास किया गया। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा के कुशल मार्गदर्शन में लगाई गई पुलिस टीम ने बहुत कम समय में व्यापारी से हुई लूट का सफलतम वर्कआउट कर दिया।

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एसपी के कुशल मार्गदर्शन ने पुलिस टीम को कम समय मे मिली सफलता
कौशाम्बी।  सिराथू सर्किलके कोखराज कोतवाली इलाके में  गत दिनों एक्सयूवी सवार गुजरात के कारोबारी को अगवा कर 15 लाख की लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस को ब्लाइंड रॉबरी में फास्ट ट्रैग के जरिए सफलता मिली है। लूटकांड में शामिल 4 अंतर्जनपदीय लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को एक लुटेरे की गाड़ी से ही 15 लाख मिला था। इसके अलावा लुटेरों के पास से फर्जी नंबर प्लेट की सफारी गाड़ी, वादी का आधार कार्ड, 4 मोबाइल एवं 30 सिम कार्ड भी मिला है। पुलिस की गिरफ्त से अभी भी दो अंतरराज्यीय लुटेरे दूर हैं। कौशांबी पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी प्रयागराज प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में एसओजी समेत 5 टीमें गठित की गई थी। कारोबारी वाराणसी से नकदी लेकर अपनी चालक के साथ गुजरात के लिए निकला था। गुजरात प्रदेश के  पाटन जिला निवासी अजीत उर्फ पिंटू सिंह आलू की खरीद एवं बिक्री का कारोबार करता है। एक अक्टूबर की रात को वह कई कारोबारियों का पैसा लेकर वाराणसी से अपने चालक के साथ एक्सयूवी कार द्वारा गुजरात के लिए निकला था। अभी वह आधी रात को कोखराज के हाइवे स्थित ककोढ़ा के पास पहुंचे थे। तभी सफेद कलर की फोर्ड एवं ग्रे कलर की ईको कार सवार बदमाशों ने कारोबारी की गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने कारोबारी एवं उसके चालक को पीट कर अगवा कर लिया। बदमाशों ने रुपए से भरा बैग लूट लिया। थोड़ी दूर ले जाने के बाद कारोबारी एवं चालक को गाड़ी सहित छोड़कर फरार हो गए। कारोबारी ने पुलिस को लूट की सूचना दी। सूचना मिलते ही कोखराज पुलिस हरकत में आई और कांबिंग कर लुटेरों की धरपकड़ में जुट गई। हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते कौशांबी एसपी एएसपी के अलावा प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश भी पहुंचे। उन्होंने कारोबारी से पूछताछ की। इसके अलावा घटनास्थल का मौका मुआयना किया। कारोबारी की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद लूट कांड का खुलासा करने के लिए एडीजी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह, सिराथू क्षेत्राधिकारी डॉ कृष्ण गोपाल सिंह, चायल क्षेत्राधिकारी श्याम कांत, कोखराज प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर एवं एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पांच टीमें गठित की गई। टीमो ने अलग-अलग जगहों पर जाकर घटना के बारे में पूछताछ शुरू कर दिया। इसके अलावा वाराणसी से लेकर कौशांबी तक जितने भी टोल प्लाजा मिले, उन टोल प्लाजा पर पहुंचकर लुटेरों की गाड़ियों की डिटेल खंगाली। लेकिन लूट कांड में शामिल दोनों ही गाड़ियों के नंबर फर्जी होने के चलते पुलिस को सफलता नहीं मिली।  हालांकि पुलिस ने जब फास्ट टैग की डिटेल निकाली तो फास्ट टैग से पुलिस को लुटेरों के पास पहुंचने का सुराग मिला। पुलिस के अनुसार फास्ट टैग भी फर्जी तरीके से बनवाया गया था। लेकिन उसमें मोबाइल नंबर एवं बैंक खाते की डिटेल सही साझा किया गया था। बैंक खाते की डिटेल एवं मोबाइल नंबर लखनऊ के शिवपुरम राजाजीपुरम निवासी अंकित गुप्ता की मिली। इस पर पुलिस ने अंकित को दबोच लिया। उसकी गाड़ी से 15 लाख रुपए भी बरामद कर लिया। अंकित ने पूछताछ के दौरान लूटकांड में शामिल लखनऊ के ही अनूप शुक्ला, आदित्य वर्मा एवं उदय प्रताप का भी नाम बताया। पुलिस ने इन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके अलावा लूटकांड के मास्टर माइंड महाराष्ट्र के पुणे निवासी रोशन एवं मुंबई के बिरजू का भी नाम बताया। दबिश देने से पहले ही दोनों आरोपी फरार हो गए, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है। लुटेरों ने बताया कि लगभग ढाई महीने पहले कारोबारी को लूटने की योजना बनी थी। सभी लुटेरों की मुलाकात मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई थी। तब से वह कारोबारी की रेकी कर रहे थे लेकिन उन्हें सफलता 1 अक्टूबर की रात्रि को मिली थी। प्रयागराज जोन आईजी राकेश सिंह ने बताया कि 1 अक्टूबर की रात को कोखराज हाईवे में कारोबारी को अगवा कर लूट की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी थी। महज कुछ ही घंटों में कारोबारी एवं उसके चालक को बरामद कर लिया गया था। कारोबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए 5 टीमें गठित कर दी गई थी। फास्ट टैग के जरिए पुलिस ने लखनऊ के एक आरोपी को 15 लाख की नगदी समेत गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसने अपने अन्य साथियों का भी नाम कबूला। इतना ही नहीं लुटेरों ने यह भी बताया कि कारोबारी को लूटने के लिए लगभग ढाई महीने से योजना बनाकर लूटने का प्रयास चल रहा था। वाराणसी से लेकर कोखराज के बीच कई दफा गाड़ी को ओवरटेक कर कारोबारी को लूटने का प्रयास किया गया। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा के कुशल मार्गदर्शन में लगाई गई पुलिस टीम ने बहुत कम समय में व्यापारी से हुई लूट का सफलतम वर्कआउट कर दिया।

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