नो इंट्री में चलने वाले वाहन बन रहे जाम की वजह
व्यापारियों के साथ सकते में रहते हैं बच्चों के अभिभावक
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाजारों,चौराहों पर लगने वाले जाम से मुक्त कराने के फरमान पर पुलिस महकमा गम्भीर नही है।हाईवे पर नो इंट्री में भी भारी वाहनों की आवाजाही पूरे दिन बनी है। दिन भर लगने वाले जाम का सीधा असर लोगों के आवागमन के साथ व्यापार पर भी बुरा असर देखा जा रहा है। क्षेत्र के बाजारों और चौराहों पर लगने वाले रोजमर्रा के जाम से पुलिस अनजान बनी रहती है।भटौती से प्रतिदिन निकलने वाले हजारों गिट्टी वाहनों के साथ बाजारों से चलने वाले डग्गामार वाहन पुलिस के लिए मोटी कमाई का जरिया बने हुए हैं। समाजसेवी अजय तिवारी उर्फ कलयुग ने कहा कि मेजारोड बाजार में सैकड़ों लोगों की आवाजाही पूरे दिन बनी रहती है।हाईवे का मुख्य चौराहा और बस स्टॉप होने की वजह से यहां दिन भर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।क्षेत्र के दर्जन भर स्कूल के बच्चे भी इस बाजार से जुड़े हैं।इस स्थिति में दिन भर चलने वाले भारी वाहनों से घटना और दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
क्षेत्र के युवा नेता विनय शुक्ल ने कहा कि मेजा पुलिस एकजाई वसूली के लिए सीएम के फरमान को नजरंदाज कर रही है।हाईवे पर लगने वाले जाम से व्यापार पर सीधा असर पड़ता है और स्कूली बच्चों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। श्री शुक्ल ने कहा कि नो इंट्री के नियमों का सख्ती से पालन हो और डग्गामार वाहनों के अड्डे बाजार से दूर किये जाने से आम जन मानस को राहत मिल सकती है।उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के आदेश पर अमला गम्भीर नही है, तो यह सोचनीय विषय है।



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