o दस सितंबर को विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं किसान,ग्रामीण
o डीएम और एसपी को पत्र भेजकर मांगी गई फोर्स
o जगेसरगंज में रास्ते की मांग को लेकर ग्यारह को करेंगे विरोध प्रदर्शन
प्रतापगढ़। रास्ते की मांग को लेकर आंदोलित ग्रामीण, किसान यूनियन के साथ दोहरीकरण का विरोध करते हुए कार्य बंद कराने की तैयारी में हैं। ग्यारह सितंबर को उनका आन्दोलन तय है। जिसमें टिकैत गुट के किसान शामिल होंगे। इधर दस सितंबर को जीएम एनआर आ रहें हैं। रेल प्रशासन को आशंका है कि इस दिन भी किसान और ग्रामीण विरोध कर सकते हैं। सतर्कता और सुरक्षा के मद्देनजर रेल प्रशासन ने एसपी और डीएम से पुलिस के बंदोबस्त की मांग की है। इस आशय का पत्र भी भेजा गया है। उधर ग्यारह वाला आन्दोलन को रोकने के लिए रेल का अधिकारीयों ने अपने दूत सक्रिय कर दिए हैं। जो थाने और किसान नेताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं।
बता दें कि जगेसरगंज रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के गावों का लोगों के आने जाने के लिए रास्ता नहीं है। वे लोग काफ़ी समय से रास्ते की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर रेलवे ध्यान नहीं दे रही है। ग्रामीणों ने किसान यूनियन के साथ मिलकर 11 सितंबर को जगेसरगंज स्टेशन के निकट दोहरीकरण कार्य को रोकने की तैयारी की है। इसका पत्र भी डीआरएम को दिया है। सूत्रों से पता चला है कि पत्र पाने के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक के रेल अधिकारी काफ़ी चिंतित हो गए हैं। क्योंकि उसके एक दिन पहले दस सितंबर को जीएम का प्रोग्राम प्रस्तावित है। अगर किसान उस दिन प्रदर्शन किए तो कइयों की नौकरी खतरे में फंस सकती हैं। ऐसा न होने पाए आंदोलनकारियो को मनाने के लिए अधिकारियों ने अपने विशेष दूतों को इस काम में लगा दिया है। वे लोग अपना काम शुरु कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार दस सितंबर को जीएम के आने को लेकर आंदोलनकारियों द्वारा कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसके मद्देनजर डीएम और एसपी को पत्र भेजकर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई है।



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