जन प्रतिनिधियों से मिल रही उपेक्षा पर मजदूर नेताओं ने जताया अफसोस
कहा, हक नहीं मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। मेजा कताई मिल मजदूरों का सत्याग्रह आंदोलन नक्कार खाने में तूती की आवाज बन कर रह गया है। अपने हक के लिए तहसील मुख्यालय के सामने डेरा जमाए मजदूरों के साथ फिलहाल कोई जन प्रतिनिधि अब तक नहीं खड़ा हुआ है। किसी भी सांसद या विधायक ने बयान जारी करके भी समर्थन नहीं दिया। मजदूर नेता राम प्रताप पांडेय और रघुनंदन गुप्ता ने इस रवैये पर अफसोस जताया है। दो दशक से अधिक समय से बन्द पड़ी कताई मिल के मजदूर विभिन्न मांगों को लेकर बीते दस दिन से सत्याग्रह आंदोलन पर हैं।कताई मिल मजदूर दोबारा मिल चालू करने पर अड़े हैं।मजदूर नेता रघुनंदन गुप्ता की माने तो मेजा कताई मिल के श्रमिक वेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि लाभ में चल रही मिल प्रबंधन की नीतियों के कारण बन्द कर दी गयी।मजदूरों के बकाए वेतन सहित अन्य भुगतान नही किए गए।लेबर कोर्ट द्वारा मजदूरों के पक्ष में दिए गए फैसले को प्रदेश सरकार ने नजरन्दाज कर दिया।रोजी रोटी के सवाल पर दस दिन से सत्याग्रह आंदोलन जारी है। मजदूर नेता राम प्रताप पांडेय ने कहा कि क्षेत्रीय लोगों का समर्थन मिल रहा है लेकिन मजदूर परिवार के बोट से विधायक और सांसद बनने वाले नेताओं को उनकी पीड़ा नही नजर आ रही है।उन्होंने योगी सरकार से एक बार फिर मांग दोहराते हुए कहा कि मजदूर हित मे मिल चालू की जाय।



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