राष्ट्र ध्वज और धर्म ध्वज का हुआ पूजन
प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरण नाथ धाम मे सामूहिक सुंदर कांड का पाठ करके राष्ट्र धर्म उत्सव का शुभारम्भ हुआ . वही धाम मे स्थानीय समाज द्वारा स्थापित राष्ट्र ध्वज व धर्म ध्वज का पूजन कर नए ध्वज स्थापित किये गए . सभी ने भारत माता और भोले बाबा का जयकारा लगाते हुए देश मे विकास, अमन व शांति के लिए राष्ट्र धर्म को सर्वोपरि बताया भयहरण नाथ धाम मे सामूहिक सुंदर कांड पाठ से पूर्व भोले बाबा का पूजन करके कार्यक्रम की अयोध्या से पधारे संत दास जी महराज जी के मार्गदर्शन मे शुरुवात हुई . धाम के अध्यक्ष राज कुमार शुक्ल व महासचिव समाज शेखर की देख रेख मे राष्ट्र ध्वज व धर्म ध्वज को नया बादला गया , उक्त ध्वज स्थापना 2019 मे स्थानीय समाज व प्रबंध समिति द्वारा स्थापित किया गया है इस अवसर पर भयहरणनाथ धाम ऋषिकुलम के प्राचार्य विवेक त्रिपाठी, सदा नन्द आश्रम प्रयागराज के विपिन दूबे , स्वच्छता प्रभारी नीरज मिश्र , अंकित दूबे , राहुल तिवारी , अनिल मिश्र , प्रभात पांडेय , महेश वशिष्ट , अंशुमान सिंह आदि ने विशेष भूमिका निभाई . वर्षों से राष्ट्र धर्म की अलख जगाता भयहरणनाथ धाम धर्म घ्वजा के साथ साथ राष्ट्र ध्वज की हुई है स्थापना सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर की पहल पर स्थानीय समाज व प्रबन्ध समिति द्वारा हुआ स्थापित प्रसिद्ध भयहरणनाथ धाम अपनी गतिविधियों और कार्यों से हमेशा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत होता रहा है। 15 अगस्त 2018 को स्थानीय समाज ने घुघुरी लोक उत्सव के अवसर पर सामूहिक रूप से सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर के सुझाव पर श्री भयहरणनाथ धाम में धर्म घ्वज के साथ साथ राष्ट्र घ्वज स्थापित करने का निर्णय लिया गया। 2019 में तत्कालीन विधायक डा0 आर0 के वर्मा ने भी जन भावनाओं को सम्मान देते हुए पर्यटन विभाग को धाम में बडे पोल पर राष्ट्र घ्वज की स्थापना हेतु निर्देश जारी किया था, जिसके क्रम में तत्कालीन उप निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने शासन को प्रस्ताव अग्रसारित किया। परन्तु उस पर अभी तक अमल नही हो सका। वहीं 20 वें महाकाल महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर फरवरी 2020 को संविधान मर्मज्ञ, पूर्व राज्यपाल पश्चिम बंगाल, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश श्री केशरी नाथ त्रिपाठी की दिव्य उपस्थिति में स्थानीय समाज के बुर्जुग बरिष्ठ सदस्यों तथा नागरिकों द्वारा श्री राज नारायण मिश्र और श्री देवी प्रसाद मिश्र के देखरेख में सामूहिक रूप से श्री भयहरणनाथ धाम का पूजन करके धाम के मुख्य मन्दिर परिसर में धर्म घ्वज के साथ राष्ट्र ध्वज को स्थापित किया गया। इस सम्बन्ध में धाम के महासचिव व प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर ने कहा कि पिछले 25 सालों से धाम के माध्यम से धार्मिक व आध्यात्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों से जुड कर कार्य कर रहे हैं ऐसे में महसूस किया गया कि धार्मिक स्थलों पर आम आवाम स्वच्छन्द व्यवहार करता है जो देश व समाज के लिए उचित नही है, सार्वजनिक स्थल पर सार्वजनिक नियमों के पालन तथा समानता के लिए राष्ट्र ध्वज की स्थापना की गई। सभी राष्ट्र ध्वज का सम्मान करते हैं ऐसे में धर्म ध्वज के साथ राष्ट्र घ्वज लगने से हम सब संतुलित होकर राष्ट्र धर्म का पालन करते हुए धाम में सतत राष्ट्रीय व समाजहित के कार्य निरन्तर हो पा रहे हैं और सभी उसमें सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर ने कहा हमारी तो मांग है कि देश के सभी धार्मिक स्थलों तथा केन्द्रों पर राष्ट्र धर्म की स्थापना हेतु धर्म घ्वज के साथ राष्ट्र घ्वज की स्थापना अनिवार्य रूप हो । उन्होने कहा कि धर्म के नाम पर धार्मिक स्थलों को आडम्बर का केन्द्र बना दिया जाता है, तरह तरह की कुरीतियां पनपती हैं, हमारा धर्म अच्छा है की होड लगी है। ऐसे में देश के राष्ट्रीय कानून जो किसी भी सार्वजनिक स्थल पर लागू होते हैं वह जन जन के व्यवहार में समाहित हो इसके लिए धार्मिक स्थलों व केन्द्रों पर सम्बन्धित धर्म या समप्रदाय के घ्वज के साथ साथ राष्ट्र घ्वज पूरे मान सम्मान के साथ स्थापित किए जाए। इससे देश व समाज का कल्याण होगा और धर्म की गतिविधियां अनियंत्रित व अनियोजित नही हो सकेगी, साथ ही देश व समाज के उत्थान में वह अपना योगदान भी दे सकेगें। उक्त घ्वज 15 अगस्त व 26 जनवरी व आवश्यकता अनुसार चेन्ज किया जाता रहता है।



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