जल निकासी की व्यवस्था न होने से नाराज प्रबंधक ने लगाई फटकार
बारिश में ट्रैक डूब जाने से ट्रेनों का संचालन घंटों हुआ बाधित
प्रतापगढ़। बुधवार शाम को हुई तेज बारिश ने स्थानीय रेलवे स्टेशन के जल निकासी की व्यवस्था की पोल ही खोल दी। आलम यह हो गया कि समूचा यार्ड जल भराव में डूब गया। प्लेटफ़ार्म दो और तीन में पानी भर गया। जिससे सिग्नल सिस्टम फेल हो गया। इसने ट्रेनों के संचालन को काफ़ी हद तक बाधित कर दिया। छः घंटे से अधिक समय तक यह स्थिति बनी रही। ऐसी स्थिति में ट्रेनों को कागज पर लिखा पढ़ी के बाद लिया गया। एक नंबर से अधिकांश ट्रेनों को चलाना पड़ा। इस स्थिति के बारे में पता चलने पर डीआरएम लखनऊ मंडल काफी नाराज हुए। उन्होंने यहां के ज़िम्मेदार अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। गुरुवार को जाकर स्थिति संभल पाई है। हालंकि अभी भी जल निकासी का इंतजाम नहीं किया गया है। बारिश बंद होने से राहत जरूर मिली है। बुधवार शाम करीब चार बजे से बारिश ने जोर पकड़ा। सात बजे तक ट्रैक पानी से लबालब हो गया। रात करीब एक बजे तक यही स्थिति रही। जल निकासी न होने से सिग्नल की मोटरों में पानी घुस गया। जिससे प्लेटफार्म दो और तीन के सिग्नल ने काम करना बन्द कर दिया था। हालांकि यहां के जिम्मेदार अधिकारियों के लिए यह कोई नई बात नहीं थी। पूर्व के मानसून में भी इस तरह की समस्या आई थी। इसलिए ज्यादा चिंतित नहीं हुए। जब डीआरएम ने अधिकारियों से फोन पर इस संबंध में बात की और फटकारा तब जाकर खलबली मची। सूत्रों के अनुसार रात एक बजे के बाद जल स्तर घटा तो स्थिति सामान्य हो गई। बताया जाता है कि टेलीकाम दफ्तर के सामने रेलवे लाइन के अंदर से गई पानी की पाइप टूटने से भी लाइन में पानी भर रहा है। रिमॉडलिंग के कार्य ने भी जल निकासी को प्रभावित किया है। वैसे ये दोनो कारण नहीं भी थे तो भी जल निकासी की समस्या रहती है। एसएस शमीम अहमद ने बताया कि बारिश के कारण ट्रैक पानी में डूब गया था। प्लेटफार्म दो और तीन से ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ था। अब स्थिति सामान्य है।



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