आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में भूजल संरक्षण एवं प्रबन्धन में छात्राओं की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी आयोजित
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज। भूजल संरक्षण एवं प्रबन्धन में छात्राएं बहुत कुछ कर सकती हैं। पानी की समस्या हमने पैदा की है क्योंकि हम पानी का अनादर करते हैं। ईश्वर प्रदत्त पानी को जमीन के नीचे ले जाकर संचित करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उक्त बातें समाजसेवी डॉ. समाज शेखर प्राण ने कहीं। वह आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में बृहस्पतिवार को भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित ‘भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन में छात्राओं की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहाकि जल संरक्षण के लिए हम सभी को सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे शासी निकाय के अध्यक्ष पकंज जायसवाल ने कहाकि पानी की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। अगर प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में मात्र दस पेड़ लगाये तो जल की हो रही कमी की समस्या से निपटा जा सकता है। इस अवसर पर शिवम भगवती ने अपनी कविताओं से स्त्री संवेदनाओं को उजागर किया। उनकी कविता ‘ मैं बेटी तेरे आंगन की’ बहुत ही सराही गयी। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० अर्चना पाठक ने किया। उन्होंने भूजल की कम होती स्थिति पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहाकि यदि जलसंरक्षण के प्रति हम जागरूक नहीं हुए तो इसका खामियाजा भावी पीढ़ी को भुगतना होगा। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डॉ० रंजना त्रिपाठी ने जबकि आभार ज्ञापन डॉ. ज्योति रानी जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. रमा सिह, डॉ. कल्पना, डॉ. ममता गुप्ता, डॉ. अन्जू, डॉ. मधुरिमा, डॉ. मुदिता, डॉ. चित्रा, डॉ. नीलांजना, डॉ. सव्य सांची, डॉ. अमित, मनन, श्रिया सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।



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