लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। स्वामित्व योजना के तहत कराए जा रहे ड्रोन सर्वे कार्य का जिलाधिकारी सुजीत कुमार बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण कर जहां उसकी हकीकत खंगाली वहीं जिम्मेदारों को दिशा निर्देश भी दिया।
चायल तहसील के ग्राम भीटी देवमाफी, महगॉव कछार एवं मोहिद्दीनपुर में स्वामित्व योजना के तहत कराए जा रहें ड्रोन सर्वे कार्य का डीएम निरीक्षण कर विस्तृत जायजा लिया। इतना ही नहीं सम्बन्धित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिया। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जब सर्वे जैसा कार्य ड्रोन से कराया जा रहा है तो इसके लापरवाही बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। स्वामित्व योजना का उद्देश्य पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का प्रयोग करते हुए ग्रामीण आबादी के आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार करना है। स्वामित्व योजना का लक्ष्य.ग्रामीण भारत के नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी सम्पत्ति को एक वित्तीय परिसम्पत्ति के रूप में प्रयोग करने में सक्षम बनाते हुए उन्हें वित्तीय स्थिरता प्रदान करना, ग्रामीण नियोजन हेतु सटीक भूमि अभिलेखों और जी.आई.एस नक्शों का निर्माण, सम्पत्ति कर का निर्धारण एवं सम्पत्ति विवादों को कम करना आदि हैं। इस दौरान उपजिलाधिकारी चायल मनीष यादव सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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कौशाम्बी। स्वामित्व योजना के तहत कराए जा रहे ड्रोन सर्वे कार्य का जिलाधिकारी सुजीत कुमार बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण कर जहां उसकी हकीकत खंगाली वहीं जिम्मेदारों को दिशा निर्देश भी दिया।
चायल तहसील के ग्राम भीटी देवमाफी, महगॉव कछार एवं मोहिद्दीनपुर में स्वामित्व योजना के तहत कराए जा रहें ड्रोन सर्वे कार्य का डीएम निरीक्षण कर विस्तृत जायजा लिया। इतना ही नहीं सम्बन्धित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिया। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जब सर्वे जैसा कार्य ड्रोन से कराया जा रहा है तो इसके लापरवाही बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। स्वामित्व योजना का उद्देश्य पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का प्रयोग करते हुए ग्रामीण आबादी के आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार करना है। स्वामित्व योजना का लक्ष्य.ग्रामीण भारत के नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी सम्पत्ति को एक वित्तीय परिसम्पत्ति के रूप में प्रयोग करने में सक्षम बनाते हुए उन्हें वित्तीय स्थिरता प्रदान करना, ग्रामीण नियोजन हेतु सटीक भूमि अभिलेखों और जी.आई.एस नक्शों का निर्माण, सम्पत्ति कर का निर्धारण एवं सम्पत्ति विवादों को कम करना आदि हैं। इस दौरान उपजिलाधिकारी चायल मनीष यादव सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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