किसानों ने प्रशासन से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग उठाई\ सूखे तालाबों को भरने से खेती बचाने के साथ मवेशियों को मिलेगी राहत
लोक मित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। भाजपा के संकल्प पत्र में किसान हित और उनकी आर्थिक मजबूती को लेकर तमाम वायदे किए गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खाद बीज के साथ सिंचाई की समुचित ब्यवस्था पर खुले मंचों से दावा कर चुके हैं लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान परेशान है।क्षेत्र के प्याज किसानों ने सिंचाई के अभाव में नष्ट हो रही फसल का मुद्दा उठाया है। भाजपा की मोदी और योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने सहित संसाधन उपलब्ध कराने के कितने ही दावे कर लें लेकिन जमीनी हकीकत की पड़ताल में इनकी स्थिति वेबस और लाचार बनी हुई है। कृषि और सिंचाई विभाग तमाम तकनीकी बदलाव के वावजूद किसानों की कसौटी पर खरे नही उतर पा रहे है।कहीं खाद बीज का टोटा तो कहीं सिंचाई के लिए पानी का अभाव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं ,जिस वजह से किसान परेशान हैं। तहसील क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई के अभाव में खेतों में खड़ी प्याज की फसल के बर्बाद होने का मुद्दा उठाया है। श्यामनगर के प्याज उत्पादक किसान अमरनाथ पटेल, सुनील कुमार, दिनेश कुमार, धनराजी देवी, राधेश्याम आदि ने बताया कि सिंचाई के लिए हरदिहा राजबाहा में पानी नही खोले जाने से प्याज की फसल सिंचाई के अभाव में नष्ट हो रही है। इस वजह से किसानों को मेहनत तथा लागत की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। क्षेत्रकेबसहरा,सींकीकला,सींकी खुर्द,भोजपुरवा, डाबर, हरदिहा, लालतारा सहित दर्जनों गांवों के किसानों द्वारा सैकड़ों बीघे में प्याज की खेती की गई है। किन्तु सिंचाई के अभाव में तैयार होती फसल नष्ट होने के कगार पर है। किसानों ने मांग की है कि नहरों में पानी छोड़कर तालाब भर दिए जांय तो प्याज की खेती के साथ पशु, पक्षियों को भी बड़ी राहत दी जा सकती है।



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