कौशाम्बी। आदि शक्ति मां दुर्गा का पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। पांचवे दिन बुधवार को कड़ा धाम स्थित इक्क्यिाविनी शक्तिपीठों में एक मां शीतला का भक्तों ने स्कंदमाता के रूप में दर्शन पूजन किया। स्कंद स्वरुपी मां के दर्शन पूजन के लिए भोर से ही कड़ा धाम समेत क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। स्कंद स्वरूपी मां को विशेष भोग भी लगाया गया। स्कंद माता को पीला रंग बहुत पसंद है इसलिए भक्त इस दिन उनको खुश करने के लिए पीली मिठाई व केसर युक्त खीर का भी भोग लगाएं। स्कंदमाता की अराधना व पूजा करने वाले भक्तों से प्रसन्न होकर मां उन्हें यश, बल, धन के साथ साथ संतान सुख की प्राप्ति का भी आशीर्वाद देती हैं। स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत निराला है और इनकी चार भुजाएं हैं माँ की दो भुजाओं में कमल के पुष्प हैं और एक भुजा से माँ आशीर्वाद दे रही हैं। पीले रंग का फूल व मिठाई शुभ होता है। ऐसी मान्यता के अनुसार भक्त मां की पूजा व आराधना कर रहे हैं।
कौशाम्बी। आदि शक्ति मां दुर्गा का पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। पांचवे दिन बुधवार को कड़ा धाम स्थित इक्क्यिाविनी शक्तिपीठों में एक मां शीतला का भक्तों ने स्कंदमाता के रूप में दर्शन पूजन किया। स्कंद स्वरुपी मां के दर्शन पूजन के लिए भोर से ही कड़ा धाम समेत क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। स्कंद स्वरूपी मां को विशेष भोग भी लगाया गया। स्कंद माता को पीला रंग बहुत पसंद है इसलिए भक्त इस दिन उनको खुश करने के लिए पीली मिठाई व केसर युक्त खीर का भी भोग लगाएं। स्कंदमाता की अराधना व पूजा करने वाले भक्तों से प्रसन्न होकर मां उन्हें यश, बल, धन के साथ साथ संतान सुख की प्राप्ति का भी आशीर्वाद देती हैं। स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत निराला है और इनकी चार भुजाएं हैं माँ की दो भुजाओं में कमल के पुष्प हैं और एक भुजा से माँ आशीर्वाद दे रही हैं। पीले रंग का फूल व मिठाई शुभ होता है। ऐसी मान्यता के अनुसार भक्त मां की पूजा व आराधना कर रहे हैं।



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