यातायात पुलिस बाइकों का करती है चालान
प्रतापगढ़। कचेहरी के चारों ओर वाहनों की सडक किनारे चार पहिया वाहनों की पार्किंग से सडक पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। चैराहों पर तैनात यातायात पुलिस केवल दो पहिया वाहनों का चालान करती नजर आती है। जबकि इन सडकों से रोज जनपद न्यायाधीश,जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक से लेकर जनपद के आला अधिकारी गुजरते हैं। जनपद की कचेहरी में पूरे जनपद के फरियादी एवं वादकारी आते है, रोज हजारों की संख्या में ऐसे लोग आते हैं तो दूसरी ओर हजारों की संख्या में अधिवक्ता भी अपने वाहनों से कचेहरी आते है। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहन भी आते हैं। वाहन र्पािर्कग की व्यवस्था न होने चलते पूरी कचेहरी में बाइक इधर उधर नजर आती है। जबकि चार पहिया वाहनों के लिये कचेहरी के अन्दर आना मुश्किल होता है। चार पहिया वाहनों को कचेहरी के चारों ओर सडक पर ही खडा कर वाहन स्वामी कचेहरी एवं दीवानी अपने काम से चले जाते हैं। रोडवेज बस अडडा होने के चलते सैकडों की संख्या में रोडवेज बसें भी इधर से ही गुजरती हैं। इसके चलते इन सडकों पर टेजरी चैराहा,पुलिस लाइन चैराहा से लेकर अम्बेडकर चैराहे तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। वैसे तो इन चैराहोंा पर यातायात पुलिस तैनात रहती है लेकिन उनका ध्यान इन चार पहिया वाहनों की ओर नहीं जाता। इसके विपरीत उनकी निगाह केवल दो पहिया वाहनों से गुजरने वालों के हेलमेट पर ही जाती है, यातायात पुलिस उनका चालान कर अपने दायित्व को इतिश्री समझ लेती है। जाम से निजात दिलाने के लिये चार पहिया वाहनों का चालान करना भी जरूरी है। साथ ही इन सडकों पर ठेले वाले और दुकानदार भी समस्या बने हुये हैं। इनके खिलाफ जब तक यातायात पुलिस और नगर पालिका अभियान चला कर सडक खाली नहीं कराती लोगों को अक्सर जाम की समस्या से दो चार होना पडेगा। अम्बेडकर चैराहा और टेजरी चैराहे के पास वाहन अडडा भी अवैध रूप से चलता है। कचेहरी के पास कन्वेंट स्कूल भी है जिसमें हजारों की संख्या में बच्चे पढते हैं, दोपहर में जब हजारों की संख्या में बच्चे स्कूल से निकलते हैं तो जाम की समस्या से उन्हें भी दो चाहर होना पडता है। आला अधिकारियों एवं नपा प्रशासन को जाम की इस भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिये ठोस प्रयास करने चाहिये, जिससे राहगीरों को राहत मिल सके।
यातायात पुलिस बाइकों का करती है चालान
प्रतापगढ़। कचेहरी के चारों ओर वाहनों की सडक किनारे चार पहिया वाहनों की पार्किंग से सडक पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। चैराहों पर तैनात यातायात पुलिस केवल दो पहिया वाहनों का चालान करती नजर आती है। जबकि इन सडकों से रोज जनपद न्यायाधीश,जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक से लेकर जनपद के आला अधिकारी गुजरते हैं। जनपद की कचेहरी में पूरे जनपद के फरियादी एवं वादकारी आते है, रोज हजारों की संख्या में ऐसे लोग आते हैं तो दूसरी ओर हजारों की संख्या में अधिवक्ता भी अपने वाहनों से कचेहरी आते है। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहन भी आते हैं। वाहन र्पािर्कग की व्यवस्था न होने चलते पूरी कचेहरी में बाइक इधर उधर नजर आती है। जबकि चार पहिया वाहनों के लिये कचेहरी के अन्दर आना मुश्किल होता है। चार पहिया वाहनों को कचेहरी के चारों ओर सडक पर ही खडा कर वाहन स्वामी कचेहरी एवं दीवानी अपने काम से चले जाते हैं। रोडवेज बस अडडा होने के चलते सैकडों की संख्या में रोडवेज बसें भी इधर से ही गुजरती हैं। इसके चलते इन सडकों पर टेजरी चैराहा,पुलिस लाइन चैराहा से लेकर अम्बेडकर चैराहे तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। वैसे तो इन चैराहोंा पर यातायात पुलिस तैनात रहती है लेकिन उनका ध्यान इन चार पहिया वाहनों की ओर नहीं जाता। इसके विपरीत उनकी निगाह केवल दो पहिया वाहनों से गुजरने वालों के हेलमेट पर ही जाती है, यातायात पुलिस उनका चालान कर अपने दायित्व को इतिश्री समझ लेती है। जाम से निजात दिलाने के लिये चार पहिया वाहनों का चालान करना भी जरूरी है। साथ ही इन सडकों पर ठेले वाले और दुकानदार भी समस्या बने हुये हैं। इनके खिलाफ जब तक यातायात पुलिस और नगर पालिका अभियान चला कर सडक खाली नहीं कराती लोगों को अक्सर जाम की समस्या से दो चार होना पडेगा। अम्बेडकर चैराहा और टेजरी चैराहे के पास वाहन अडडा भी अवैध रूप से चलता है। कचेहरी के पास कन्वेंट स्कूल भी है जिसमें हजारों की संख्या में बच्चे पढते हैं, दोपहर में जब हजारों की संख्या में बच्चे स्कूल से निकलते हैं तो जाम की समस्या से उन्हें भी दो चाहर होना पडता है। आला अधिकारियों एवं नपा प्रशासन को जाम की इस भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिये ठोस प्रयास करने चाहिये, जिससे राहगीरों को राहत मिल सके।



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