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मांगो को लेकर केन्द्रीय श्रम संगठनो की हड़ताल 28 व 29 को

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष हेमंत नन्दन ओझा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि केन्द्रीय श्रम संगठनो के संयुक्त मंच स्वतंत्र फेडरेशनो एवं कर्मचारी संगठनो के आहवान पर आगामी 28 व 29 मार्च को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने की सभी ट्रेड यूनियनो एवं कर्मचारी संगठनो से अपील की है। श्री ओझा ने कहा कि केन्द्र सरकार मजदूरो कर्मचारियो के अधिकारो पर हमला कर रही है। मजदूर कानूनो को समाप्त कर उसे चार संहिताओ में परिवर्तित कर दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने संविदा कर्मचारियो को नियमित के बराबर वेतन देने का निर्णय किया था। जिसका आज तक सरकार ने पाल नहीं किया। देश में लाखो लाखे आंगनबाड़ी, रसोइयां, रोजगार सेवक आदि स्कीम वर्कर्स जो नियमित कर्मियो की तरह ही अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह कर रहे है को अल्पतम मानदेय पर काम करने को मजबूर किया है या इनसेन्टिव पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है। देश के सभी विभागो व उद्योगो में नई भर्तियो का काम बंद हो गया है। उन्होने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी के चलते बंद हुए लघु उद्योगो में काम कर रहे लोगभी बेरोजगार हो गए। सार्वजनिक उद्योगो को सरकार बेशर्मी के साथ निजी हाथो में सौप रही है। इन्ही सवालो को लेकर 28 एवं 29 मार्च को देश व्यापी हड़ताल हो रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगो के अनुसार चार लेबल कोड श्रम संहिता को समाप्त किया जाय एवं हड ताल पर रोक लगाने वाली ईडीएसए की समाप्ति की जाय। कृषि कानूनो को रद्द होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चाे की 6 सूत्रीय मांगो को स्वीकार किया जाय।किसी भी रूप में निजीकरण न किया जाय, श्री ओझा ने बताया कि 28 मार्च को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिन में करीब 1 बजे प्रदर्शन के माध्यम से सौपा जाएगा। तथा 29 मार्च को अपने अपने कार्यालयो पर व स्थलो पर कर्मचारी मजदूर सभा का आयोजन करेंगे।

 

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष हेमंत नन्दन ओझा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि केन्द्रीय श्रम संगठनो के संयुक्त मंच स्वतंत्र फेडरेशनो एवं कर्मचारी संगठनो के आहवान पर आगामी 28 व 29 मार्च को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने की सभी ट्रेड यूनियनो एवं कर्मचारी संगठनो से अपील की है। श्री ओझा ने कहा कि केन्द्र सरकार मजदूरो कर्मचारियो के अधिकारो पर हमला कर रही है। मजदूर कानूनो को समाप्त कर उसे चार संहिताओ में परिवर्तित कर दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने संविदा कर्मचारियो को नियमित के बराबर वेतन देने का निर्णय किया था। जिसका आज तक सरकार ने पाल नहीं किया। देश में लाखो लाखे आंगनबाड़ी, रसोइयां, रोजगार सेवक आदि स्कीम वर्कर्स जो नियमित कर्मियो की तरह ही अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह कर रहे है को अल्पतम मानदेय पर काम करने को मजबूर किया है या इनसेन्टिव पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है। देश के सभी विभागो व उद्योगो में नई भर्तियो का काम बंद हो गया है। उन्होने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी के चलते बंद हुए लघु उद्योगो में काम कर रहे लोगभी बेरोजगार हो गए। सार्वजनिक उद्योगो को सरकार बेशर्मी के साथ निजी हाथो में सौप रही है। इन्ही सवालो को लेकर 28 एवं 29 मार्च को देश व्यापी हड़ताल हो रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगो के अनुसार चार लेबल कोड श्रम संहिता को समाप्त किया जाय एवं हड ताल पर रोक लगाने वाली ईडीएसए की समाप्ति की जाय। कृषि कानूनो को रद्द होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चाे की 6 सूत्रीय मांगो को स्वीकार किया जाय।किसी भी रूप में निजीकरण न किया जाय, श्री ओझा ने बताया कि 28 मार्च को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिन में करीब 1 बजे प्रदर्शन के माध्यम से सौपा जाएगा। तथा 29 मार्च को अपने अपने कार्यालयो पर व स्थलो पर कर्मचारी मजदूर सभा का आयोजन करेंगे।

 

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