अगर अपना सम्मान बचाना है तो उच्च अधिकारियों पर करें भरोसा
कौंधियारा, प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीती 19 मार्च को बड़गड़ी गांव में विवाद हुआ। विवाद कुछ इस प्रकार का था कि प्रधान प्रतिनिधि शेर सिंह ने सियाराम पाल के दरवाजे के सामने सड़क पर हैंडपंप लगावाया,जिसका पानी पक्की सड़क पीडब्ल्यूडी का तोड़कर पानी राजनरायन सिंह के जमीन में काफ़ी दिनों से बहाया जा रहा था। जिसका पानी उनके द्वारा खुलवाएं गये कुएं में जा रहा था। फिर अभी कुछ दिन पहले नंदलाल पाल ने राजनरायन से थोड़ी जमीन मांगी मंदिर बनवाने के लिए, तों उन्होंने दें दिया जहां एक पीपल का भारी पेड़ भी तैयार था। फिर नंदलाल पाल ने दिए गए भूमि पर मंदिर का निर्माण किया। लेकिन उसके बाद जब नंदलाल पाल ने जिसकी ज़मीन थी उनसे कहा कि मंदिर और पीपल के बग़ल से पानी बह रहा है तो एक दिन जिसकी ज़मीन थी उन्होंने अपनी जमीन से में पानी जाना बंद करवा दिया। उसके बाद बात प्रधान प्रतिनिधि शेर सिंह के पास पहुंची तों उन्होंने कहा कि मैं उसकी जल्द नाली बनवा दूंगा। परंतु 15 दिन बाद उसी गांव के धीरेन्द्र सिंह पुत्र रामखेलावन सिंह होली के दूसरे दिन जिसने मंदिर बनवाया उसको धमकीं दिया तथा मारा कि तूं नेता बनता है तूने नाली बंद करवाईं है फिर उसके बाद बंधी नाली को खोल कर पत्रकार रिवेंदर सिंह को सुबह सोते समय फ़ोन कर कहां कि मैंने नाली खोल दिया है अब उसको दोबारा मत बंद करना वरना ठीक नहीं होगा, लेकिन जब पत्रकार रिवेंदर सिंह वहां मौके पर पहुंचे तो आपस में पाल झगड़ा किए हुए थे, तो पत्रकार ने थाने पर फ़ोन किया तो वहां से कहा गया कि देखना झगड़ा न हो पाएं,उसी बीच बचाव के दौरान जिसने धीरेंद्र सिंह ने अपने घर से चार पांच लोगों को लेकर पाल को फिर मारने लगे तों,दूध लेने 85 वर्षीय महिला विमला पत्नी स्व.दसरथ सिंह जा रही थी जिसने मना किया कि आखिर इसे क्यों मार रहे हो तों धीरेन्द्र सिंह भदौरिया के लड़के मंगलेश सिंह व आशीष सिंह भदौरिया ने उनको धक्का देते हुए कहा हट बुढ़िया मेरे बीच में मत पड़,जिससे वह पत्थर पर जा गिरी जो उठ नहीं पाई तों कुछ लोगों ने चिल्लाया कि वहां दादी गिरी पड़ी हुई हैं। जिनके लिए 102, एंबुलेंस को फ़ोन किया गया, फिर शंकरगढ़ थाने को फ़ोन किया गया, तब तक सभी मारपीट करने वाले व्यक्ति मौके से भाग चुके थे, तों मौके पर Si.हल्का इंचार्ज अतीत वर्मा ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें शंकरगढ़ सीएससी अस्पताल में भर्ती करवाया, तथा घायल महिला विमला देवी का अप्लीकेशन लेते हुए, मारपीट करने वालें व्यक्तियों के घर जाकर तलाश करने लगी लेकिन कोई मिला नहीं फिर उसके बाद चोटिल महिला का एप्लीकेशन स्वीकार कर थाना शंकरगढ़ 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया और सीएससी शंकरगढ़ डॉक्टर ने महिला की हालत को देखते हुए प्रयागराज को रिफर किया। लेकिन सोचने वाली बात यह हो गई कि शंकरगढ़ पुलिस मुकदमा लिखने के 2 दिन पहले जिनकी तलाश कर रही थी वहीं तीसरे दिन आकर खुद अपना अप्लीकेशन दे रहा है तो शंकरगढ़ पुलिस पीड़ित महिला के पक्ष के तीन लोगों के ऊपर बिना जांच पड़ताल के मौका मुआयना किए मुकदमा लिख दिया। शंकरगढ़ थाने की मौजूदा स्थिति जहां बिना जांच किए न जाने समझे किसी के भी झांसे में आकर किसी के ऊपर भी मुकदमा लिख सकती है। इसीलिए लोग कहते हैं कि अगर अपने मान सम्मान को बचाना है तो उच्च अधिकारियों से बात करें उनसे मिले यहां आपका मान सम्मान नहीं बढ़ेगा लेकिन घट जरूर जाएगा और आपकी पूरी तरह से बात नहीं सुनी जाएगी जिसको यह एक घटना दर्शाती है। जिसकी शिकायत सीओ बारा से की गईं हैं।



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