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आवारा मवेशियो का बढ़ रहा खौफ गांवो से लेकर शहर तक लोग परेशान

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जिले में आवारा मवेशियों का खौफ कम होने की बजाय दिनो दिन बढ़ता जा रहा है। इनके आतंक से गांव से लेकर शहर तक लोग परेशान है। यह मवेशी राहगीरो को आए दिन घायल करने के साथ ही जानलेवा भी साबित हो रहे है।
आवारा मवेशियों के आतंक के कारण किसान जहां अपनी फसल नहीं बचा पा रहे है। वही शहर के लोग भी परेशान है। हालत यह है कि अंतू, दरछुट, लालगंज सहित कई स्थानों पर परेशान किसान आवारा मवेशियों को सीएचसी, स्कूल, साधन सहकारी समिति में बंद कर चुके है। इससे प्रशासन के सामने कई बार दिक्कत भी आई है। यही नही आवारा मवेशी अक्सर राहगीरो को घायल भी करते रहते है। सदर क्षेत्र के गांव बबुरहा में कुछ दिन पूर्व घर के बाहर सो रही महिला पर आवारा मवेशी ने हमला कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। उधर मंगरौरा इलाके के गांव पूरे बोधई में आवारा मवेशी के हमले से घायल एक महिला अभी बिस्तर से उठ नहीं सकी है। उसका अभी इलाज चल रहा है। इसी तरह कई अन्य लोगो को भी आवारा मवेशी हमला करके घायल कर चुके है। इनके हमले से घायल कई लोग अभी अपना इलाज करा रहे है। हालत यह है कि गांवो मंे आवारा मवेशियों के कारण लोग घर से बाहर निकलने में डरते है। कमोवेश यही हाल शहर के कुछ मुहल्लो में भी है। वहां कई बार बच्चे इनके हमले से घायल हो चुके है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार अब गौ संरक्षण केन्द्र मे मवेशियों की संख्या आठ हजार हो गई है। आवारा मवेशियों की संख्या 20 हजार से घटकर 16 हजार हुई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग पालतू मवेशी खुला छोड़ देते है। इससे समस्या का समाधान कर पाने में दिक्कत हो रही है।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जिले में आवारा मवेशियों का खौफ कम होने की बजाय दिनो दिन बढ़ता जा रहा है। इनके आतंक से गांव से लेकर शहर तक लोग परेशान है। यह मवेशी राहगीरो को आए दिन घायल करने के साथ ही जानलेवा भी साबित हो रहे है।
आवारा मवेशियों के आतंक के कारण किसान जहां अपनी फसल नहीं बचा पा रहे है। वही शहर के लोग भी परेशान है। हालत यह है कि अंतू, दरछुट, लालगंज सहित कई स्थानों पर परेशान किसान आवारा मवेशियों को सीएचसी, स्कूल, साधन सहकारी समिति में बंद कर चुके है। इससे प्रशासन के सामने कई बार दिक्कत भी आई है। यही नही आवारा मवेशी अक्सर राहगीरो को घायल भी करते रहते है। सदर क्षेत्र के गांव बबुरहा में कुछ दिन पूर्व घर के बाहर सो रही महिला पर आवारा मवेशी ने हमला कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। उधर मंगरौरा इलाके के गांव पूरे बोधई में आवारा मवेशी के हमले से घायल एक महिला अभी बिस्तर से उठ नहीं सकी है। उसका अभी इलाज चल रहा है। इसी तरह कई अन्य लोगो को भी आवारा मवेशी हमला करके घायल कर चुके है। इनके हमले से घायल कई लोग अभी अपना इलाज करा रहे है। हालत यह है कि गांवो मंे आवारा मवेशियों के कारण लोग घर से बाहर निकलने में डरते है। कमोवेश यही हाल शहर के कुछ मुहल्लो में भी है। वहां कई बार बच्चे इनके हमले से घायल हो चुके है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार अब गौ संरक्षण केन्द्र मे मवेशियों की संख्या आठ हजार हो गई है। आवारा मवेशियों की संख्या 20 हजार से घटकर 16 हजार हुई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग पालतू मवेशी खुला छोड़ देते है। इससे समस्या का समाधान कर पाने में दिक्कत हो रही है।

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