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विकास खंड सतांव के गोविंदपुर कठोईया कोटेदार पर लगे गंभीर आरोप!

राशनकार्डों में फर्जी यूनिट चढ़वा कर सरकारी राशन डकारने की हुई शिकायत
रायबरेली। राशनकार्डों में फर्जी यूनिट चढ़वा कर लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकारने की शिकायत के बाद राशनकार्डों से फर्जी नाम हटाने तक ही सीमित रहने वाले खाद्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाही की मांग की है।सतांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम गोविंदपुर कठोईया निवासी विपिन शुक्ला पुत्र शिवबोधन ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया है कि उपरोक्त ग्रामसभा की  सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से सम्बंधित लगभग दो दर्जन से अधिक राशनकार्डों में भारी अनियमितता को लेकर 4 फरवरी को उपजिलाधिकारी सदर तथा 10 फरवरी को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया गया था जिसमें जाँच करने के पश्चात भारी अनियमितता सामने आयी थी।बताया गया कि जाँच में तमाम ऐसे राशनकार्ड मिले जिनमें दूसरे परिवारों की यूनिट चढ़वा कर लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकारने का गोरखधंधा चल रहा था जिन्हे अधिकारियों के द्वारा कोटेदार से सेटिंग-गेटिंग करके राशनकार्डों से फर्जी यूनिटों को तो हटा दिया गया परन्तु दोषियों पर विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्यवाही नही की गयी है,जिसको लेकर ग्रामीणों में जिला पूर्ति विभाग तथा कोटेदार को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आखिर फर्जी तरीके से राशन डकारने वालों पर क्यों नही हुई कोई कार्रवाई?
शिकायतकर्ता के साथ ही अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सम्बंधित कोटेदार की जिलापूर्ति विभाग में अच्छी पकड़ है जिसके चलते फर्जी यूनिटों के सहारे गरीबों के हक पर डाका डालने वाले लोग बड़े ही ईत्मीनान से लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकार रहे थे परन्तु जब मामले की शिकायत हुई तो विभागीय अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए सिर्फ राशनकार्डों से फर्जी यूनिट हटा कर इतिश्री करते हुए दोषियों को अभयदान प्रदान कर दिया जिससे भृष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। अब मामले की पूरी जांच करवा कर दोषियों से सरकारी राशन की रिकवरी के साथ ही कोटा निरस्त कराने का शिकायतीपत्र जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया है,अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।

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राशनकार्डों में फर्जी यूनिट चढ़वा कर सरकारी राशन डकारने की हुई शिकायत
रायबरेली। राशनकार्डों में फर्जी यूनिट चढ़वा कर लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकारने की शिकायत के बाद राशनकार्डों से फर्जी नाम हटाने तक ही सीमित रहने वाले खाद्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाही की मांग की है।सतांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम गोविंदपुर कठोईया निवासी विपिन शुक्ला पुत्र शिवबोधन ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया है कि उपरोक्त ग्रामसभा की  सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से सम्बंधित लगभग दो दर्जन से अधिक राशनकार्डों में भारी अनियमितता को लेकर 4 फरवरी को उपजिलाधिकारी सदर तथा 10 फरवरी को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया गया था जिसमें जाँच करने के पश्चात भारी अनियमितता सामने आयी थी।बताया गया कि जाँच में तमाम ऐसे राशनकार्ड मिले जिनमें दूसरे परिवारों की यूनिट चढ़वा कर लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकारने का गोरखधंधा चल रहा था जिन्हे अधिकारियों के द्वारा कोटेदार से सेटिंग-गेटिंग करके राशनकार्डों से फर्जी यूनिटों को तो हटा दिया गया परन्तु दोषियों पर विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्यवाही नही की गयी है,जिसको लेकर ग्रामीणों में जिला पूर्ति विभाग तथा कोटेदार को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आखिर फर्जी तरीके से राशन डकारने वालों पर क्यों नही हुई कोई कार्रवाई?
शिकायतकर्ता के साथ ही अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सम्बंधित कोटेदार की जिलापूर्ति विभाग में अच्छी पकड़ है जिसके चलते फर्जी यूनिटों के सहारे गरीबों के हक पर डाका डालने वाले लोग बड़े ही ईत्मीनान से लम्बे अरसे से सरकारी राशन डकार रहे थे परन्तु जब मामले की शिकायत हुई तो विभागीय अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए सिर्फ राशनकार्डों से फर्जी यूनिट हटा कर इतिश्री करते हुए दोषियों को अभयदान प्रदान कर दिया जिससे भृष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। अब मामले की पूरी जांच करवा कर दोषियों से सरकारी राशन की रिकवरी के साथ ही कोटा निरस्त कराने का शिकायतीपत्र जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया है,अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।

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