महराजगंज रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र के गांव खेरवा मजरे मुरैनी में सहन की जमीन को लेकर दो पक्षों में शुक्रवार की सुबह 9ः00 बजे जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे चले, जिसमें दलित वर्ग का मौजूदा ग्राम प्रधान व गांव के ही एक अधिवक्ता समेत 4 लोगों के जख्मी हो गए हैं। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को लेकर पहले थाने आई, इसके बाद दोनों पक्षों के दो-दो घायलों को मेडिकल के लिए सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर चारों घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दे दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आपको बता दें कि, मामला खेरवा गांव मजरे मुरैनी का है। यहां पर गांव के तालाब के किनारे खाली जमीन पड़ी है। जिस पर कब्जा करने के लिए दोनों पक्ष अपना-अपना बताकर कब्जा करने की कोशिश में लगे हुए थे। मामले में पुलिस को दी गई।तहरीर में मौजूदा ग्राम प्रधान दीपू पासी पुत्र गिरधारी निवासी ग्राम खेरवा ने पुलिस को बताया कि, वह सुबह 9ः00 बजे ग्राम समाज के आबादी की जमीन के मामले में फैसला करने गए थे, तभी गांव के शैलेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह और धीरेंद्र सिंह की बहन बेबी सिंह पुत्र/पुत्री गण दशरथ सिंह तथा भारत सिंह पुत्र राज बक्स सिंह, लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आ गए तथा उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर मारना शुरू कर दिया। जब उसे बचाने के लिए गांव के अधिवक्ता रणविजय सिंह पुत्र रण बहादुर सिंह आगे आए तो हमलावरों ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए उन्हें भी मारा और सिर पर गंभीर प्रहार करते हुए उन्हें भी घायल कर दिया, जिससे उनको जानलेवा गंभीर चोटें आई हैं।उधर दूसरी ओर से दूसरे पक्ष के धीरेंद्र सिंह पुत्र दशरथ सिंह ने आरोप लगाया है कि, षुक्रवार की सुबह लगभग 9ः00 बजे गांव के ही रणविजय सिंह पुत्र रणबहादुर सिंह से प्रार्थी के सहन की जमीन पर कब्जा करने की नियत से रणविजय सिंह अपने साथियों रामचंद्र यादव उर्फ अमरेंद्र पुत्र राम दुलारे, अजमेर सिंह पुत्र हरष बहादुर सिंह व तीन अन्य अज्ञात लोगों के साथ उसके घर पर चढ़ आए और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए उसके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला बोल दिया।बचाव में प्रार्थी व उसके भाई शैलेंद्र सिंह अपने घर में घुस गए, तभी प्रतिपक्षीगणों ने लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी, असलहा से लैस होकर घर के अंदर घुस गए तथा जान से मारने के लिए हमला बोल दिया। जिसमें प्रार्थी धीरेंद्र सिंह व उसका भाई शैलेंद्र सिंह को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। प्रतिपक्षीगणों ने घर के अंदर रखे कुर्सी, मेज सहित तमाम सामानों में तोड़फोड़ भी की। मरणासन्न अवस्था में देख सभी हमलावर छोड़कर भाग गए।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां ग्राम प्रधान दीपू पासी और अधिवक्ता रणविजय सिंह के अलावा दूसरे पक्ष के शैलेंद्र सिंह व धीरेंद्र सिंह का मेडिकल कराया गया। डॉक्टरों ने चारों घायलों की स्थिति को नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।उधर मामले में कोतवाली प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि, दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है। मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कराई जाएगी, दौरान मिले तथ्यों के आधार पर दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उधर साथी अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले को लेकर महराजगंज के कई अधिवक्ता पहले कोतवाली, उसके पश्चात सीएचसी पहुंचे और घटना पर आक्रोश जताया।
महराजगंज रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र के गांव खेरवा मजरे मुरैनी में सहन की जमीन को लेकर दो पक्षों में शुक्रवार की सुबह 9ः00 बजे जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे चले, जिसमें दलित वर्ग का मौजूदा ग्राम प्रधान व गांव के ही एक अधिवक्ता समेत 4 लोगों के जख्मी हो गए हैं। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को लेकर पहले थाने आई, इसके बाद दोनों पक्षों के दो-दो घायलों को मेडिकल के लिए सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर चारों घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दे दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आपको बता दें कि, मामला खेरवा गांव मजरे मुरैनी का है। यहां पर गांव के तालाब के किनारे खाली जमीन पड़ी है। जिस पर कब्जा करने के लिए दोनों पक्ष अपना-अपना बताकर कब्जा करने की कोशिश में लगे हुए थे। मामले में पुलिस को दी गई।तहरीर में मौजूदा ग्राम प्रधान दीपू पासी पुत्र गिरधारी निवासी ग्राम खेरवा ने पुलिस को बताया कि, वह सुबह 9ः00 बजे ग्राम समाज के आबादी की जमीन के मामले में फैसला करने गए थे, तभी गांव के शैलेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह और धीरेंद्र सिंह की बहन बेबी सिंह पुत्र/पुत्री गण दशरथ सिंह तथा भारत सिंह पुत्र राज बक्स सिंह, लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आ गए तथा उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर मारना शुरू कर दिया। जब उसे बचाने के लिए गांव के अधिवक्ता रणविजय सिंह पुत्र रण बहादुर सिंह आगे आए तो हमलावरों ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए उन्हें भी मारा और सिर पर गंभीर प्रहार करते हुए उन्हें भी घायल कर दिया, जिससे उनको जानलेवा गंभीर चोटें आई हैं।उधर दूसरी ओर से दूसरे पक्ष के धीरेंद्र सिंह पुत्र दशरथ सिंह ने आरोप लगाया है कि, षुक्रवार की सुबह लगभग 9ः00 बजे गांव के ही रणविजय सिंह पुत्र रणबहादुर सिंह से प्रार्थी के सहन की जमीन पर कब्जा करने की नियत से रणविजय सिंह अपने साथियों रामचंद्र यादव उर्फ अमरेंद्र पुत्र राम दुलारे, अजमेर सिंह पुत्र हरष बहादुर सिंह व तीन अन्य अज्ञात लोगों के साथ उसके घर पर चढ़ आए और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए उसके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला बोल दिया।बचाव में प्रार्थी व उसके भाई शैलेंद्र सिंह अपने घर में घुस गए, तभी प्रतिपक्षीगणों ने लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी, असलहा से लैस होकर घर के अंदर घुस गए तथा जान से मारने के लिए हमला बोल दिया। जिसमें प्रार्थी धीरेंद्र सिंह व उसका भाई शैलेंद्र सिंह को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। प्रतिपक्षीगणों ने घर के अंदर रखे कुर्सी, मेज सहित तमाम सामानों में तोड़फोड़ भी की। मरणासन्न अवस्था में देख सभी हमलावर छोड़कर भाग गए।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां ग्राम प्रधान दीपू पासी और अधिवक्ता रणविजय सिंह के अलावा दूसरे पक्ष के शैलेंद्र सिंह व धीरेंद्र सिंह का मेडिकल कराया गया। डॉक्टरों ने चारों घायलों की स्थिति को नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।उधर मामले में कोतवाली प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि, दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है। मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कराई जाएगी, दौरान मिले तथ्यों के आधार पर दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उधर साथी अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले को लेकर महराजगंज के कई अधिवक्ता पहले कोतवाली, उसके पश्चात सीएचसी पहुंचे और घटना पर आक्रोश जताया।



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