प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय आयुष मंत्री का फर्जी लेटर वायरल करने के आरोप से जुड़े बहुचर्चित मामले में इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर आज सुनवाई हुई। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता के मुताबिक एक ही पत्रांक संख्या पर पीएम एवं आयुष मंत्री को लेटर जारी होने के चलते मामले का भंडाफोड हुआ था। वहीं वर्तिका सिंह शुरू से ही अपने साक्ष्यों को पेश कर केंद्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाने की आड़ में लाखों की डिमांड करने व विरोध जताने पर फर्जी मुकदमो में फंसाने की साजिश रचने का लगातार आरोप लगाती आ रही है। तफ्तीश के दौरान प्रकाश में आये अयोध्या जिले के आरोपी डॉ रजनीश सिंह ने जिला न्यायालय व हाईकोर्ट से भी राहत न मिलने एवं कुर्की आदेश जारी होने के बाद बीते तीन सितम्बर को एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्म समर्पण किया था। कई दिन जेल काटने के बाद जमानत मिल सकी थी। ’स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने वर्तिका सिंह व पूर्व सांसद कमल किशोर के खिलाफ मुसाफिरखाना थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तफ्तीश के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने रजनीश सिंह एवं वर्तिका सिंह को चार्जशीटेड किया है, जबकि पूर्व सांसद कमल किशोर को क्लीनचिट’मिल गई है। चार्जशीट में पूर्व सांसद का नाम शामिल न होने के चलते पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट से ट्रांसफर होकर सीजेएम कोर्ट के सुपुर्द हुई है। ’अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय इंतेखाब आलम की अदालत पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने वर्तिका के जरिये गलत इरादे से एक साथ अलग-अलग राहत पाने की मंशा से हाईकोर्ट में संज्ञान के विरुद्ध याचिका दाखिल करने एवं सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग करने पर सवाल उठाते हुए जमानत पर कड़ा विरोध जताया था, जबकि बचाव पक्ष ने की थी अर्जी स्वीकार करने की मांग।
प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय आयुष मंत्री का फर्जी लेटर वायरल करने के आरोप से जुड़े बहुचर्चित मामले में इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर आज सुनवाई हुई। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता के मुताबिक एक ही पत्रांक संख्या पर पीएम एवं आयुष मंत्री को लेटर जारी होने के चलते मामले का भंडाफोड हुआ था। वहीं वर्तिका सिंह शुरू से ही अपने साक्ष्यों को पेश कर केंद्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाने की आड़ में लाखों की डिमांड करने व विरोध जताने पर फर्जी मुकदमो में फंसाने की साजिश रचने का लगातार आरोप लगाती आ रही है। तफ्तीश के दौरान प्रकाश में आये अयोध्या जिले के आरोपी डॉ रजनीश सिंह ने जिला न्यायालय व हाईकोर्ट से भी राहत न मिलने एवं कुर्की आदेश जारी होने के बाद बीते तीन सितम्बर को एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्म समर्पण किया था। कई दिन जेल काटने के बाद जमानत मिल सकी थी। ’स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने वर्तिका सिंह व पूर्व सांसद कमल किशोर के खिलाफ मुसाफिरखाना थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तफ्तीश के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने रजनीश सिंह एवं वर्तिका सिंह को चार्जशीटेड किया है, जबकि पूर्व सांसद कमल किशोर को क्लीनचिट’मिल गई है। चार्जशीट में पूर्व सांसद का नाम शामिल न होने के चलते पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट से ट्रांसफर होकर सीजेएम कोर्ट के सुपुर्द हुई है। ’अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय इंतेखाब आलम की अदालत पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने वर्तिका के जरिये गलत इरादे से एक साथ अलग-अलग राहत पाने की मंशा से हाईकोर्ट में संज्ञान के विरुद्ध याचिका दाखिल करने एवं सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग करने पर सवाल उठाते हुए जमानत पर कड़ा विरोध जताया था, जबकि बचाव पक्ष ने की थी अर्जी स्वीकार करने की मांग।



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