रायबरेली । विद्यालय के एक मात्र रास्ते पर रेलवे द्वारा प्रस्तावित इमारत के निर्माण के सम्बंध में विद्यालय प्रबंधन के द्वारा न्यायालय में एक याचिका दाखिल की गयी थी जिसमें 4 मार्च को पेशी का आदेश था परन्तु रेलवे अधिकारियों ने न्यायालय की तारीख से एक दिन पहले ही पूरे लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच कर जेसीबी से खोदाई का कार्य शुरू करवा दिया था,जब विद्यालय प्रबंधन के साथ ही अभिभावकों ने एक बार फिर रास्ता देने की मांग की तो मौके पर मौजूद रेलवे के अधिकारियों ने किनारे से थोड़ा रास्ता छोड़ने का आश्वासन दिया।
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन वर्षों से नौनिहालों का जीवन संवार रहे शिक्षा के मंदिर का मुख्य द्वार छोड़ता है अथवा उसका मार्ग अवरुद्ध करके विद्यालय के अस्तित्व को समाप्त करता है।
रायबरेली । विद्यालय के एक मात्र रास्ते पर रेलवे द्वारा प्रस्तावित इमारत के निर्माण के सम्बंध में विद्यालय प्रबंधन के द्वारा न्यायालय में एक याचिका दाखिल की गयी थी जिसमें 4 मार्च को पेशी का आदेश था परन्तु रेलवे अधिकारियों ने न्यायालय की तारीख से एक दिन पहले ही पूरे लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच कर जेसीबी से खोदाई का कार्य शुरू करवा दिया था,जब विद्यालय प्रबंधन के साथ ही अभिभावकों ने एक बार फिर रास्ता देने की मांग की तो मौके पर मौजूद रेलवे के अधिकारियों ने किनारे से थोड़ा रास्ता छोड़ने का आश्वासन दिया।
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन वर्षों से नौनिहालों का जीवन संवार रहे शिक्षा के मंदिर का मुख्य द्वार छोड़ता है अथवा उसका मार्ग अवरुद्ध करके विद्यालय के अस्तित्व को समाप्त करता है।



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