V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

गड्ढे में गिरी बेजुबान बेसहारा गाय,जीवन मौत से जूझ रही

तारुन -अयोध्या। भगवान राम की विश्राम स्थली गौराघाट राम वनगमन मार्ग के किनारे पुलिस चौकी से पश्चिम दक्षिण पटरी के तरफ गड्ढे में गिरी बेजुबान बेसहारा गाय करीब दो सप्ताह से जीवन मौत से जूझ रही है।जिसकी सेवा को गौराघाट निवासी बुजुर्ग विधवा महिला शिवराजी पत्नी जगप्रसाद चारा पानी रोटी देकर गाय की जान बचाने को उसके लिए देवदूत बनी हुई हैं।महिला 5 सौ मीटर घर से दूर गड्ढे में पड़ी गाय को रोज चारा पानी देकर सुबह कौवो के हमले से बचाने को जाती है। गाय की सेवा में जुटी महिला शिवराजी ने बताया कि वह एक दिन लकड़ी तोड़ने को गयी तो सड़क किनारे गहरे गड्ढे में यह गाय भूख प्यास से कईं दिनों से भूखी पड़ी कराह रही थी। दर्शन नगर की तरफ से आ रहे इस प्रतिनिधि की नजर गाय के पास पुवाल व बाल्टी में पानी लेकर बैठी महिला पर पड़ी तो वह रुक कर पूरी कहानी जानी।महिला का कहना है कि यह गाय कई दिनों से इधर उधर टहल रही थी।लेकिन अचानक गड्ढे में कैसे गिर गयी उसे नही पता। आशंका जाहिर होती है कही गाय को किसी वाहन पर लादने के प्रयास में गाय जान बचाने को वाहन से कूद गड्ढे में जा कर न गिर गयी हो।गाय का पिछला बायां पैर टूटने की आशंका हैं।महिला का कहना है कि उसने मंदिर के पुजारी व वन विभाग के कर्मियों से प्रयास कर गड्ढे से गाय को निकालने का भरसक प्रयास किया लेकिन आदमियों की कम संख्या के कारण वह सफल नही हुई। योगी सरकार गायों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर भले ही कृत संकल्पित है।पर चुनाव के चलते किसी नेता व समाज सेवी की नजर इस बेजुबान पर नही पड़ी।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
तारुन -अयोध्या। भगवान राम की विश्राम स्थली गौराघाट राम वनगमन मार्ग के किनारे पुलिस चौकी से पश्चिम दक्षिण पटरी के तरफ गड्ढे में गिरी बेजुबान बेसहारा गाय करीब दो सप्ताह से जीवन मौत से जूझ रही है।जिसकी सेवा को गौराघाट निवासी बुजुर्ग विधवा महिला शिवराजी पत्नी जगप्रसाद चारा पानी रोटी देकर गाय की जान बचाने को उसके लिए देवदूत बनी हुई हैं।महिला 5 सौ मीटर घर से दूर गड्ढे में पड़ी गाय को रोज चारा पानी देकर सुबह कौवो के हमले से बचाने को जाती है। गाय की सेवा में जुटी महिला शिवराजी ने बताया कि वह एक दिन लकड़ी तोड़ने को गयी तो सड़क किनारे गहरे गड्ढे में यह गाय भूख प्यास से कईं दिनों से भूखी पड़ी कराह रही थी। दर्शन नगर की तरफ से आ रहे इस प्रतिनिधि की नजर गाय के पास पुवाल व बाल्टी में पानी लेकर बैठी महिला पर पड़ी तो वह रुक कर पूरी कहानी जानी।महिला का कहना है कि यह गाय कई दिनों से इधर उधर टहल रही थी।लेकिन अचानक गड्ढे में कैसे गिर गयी उसे नही पता। आशंका जाहिर होती है कही गाय को किसी वाहन पर लादने के प्रयास में गाय जान बचाने को वाहन से कूद गड्ढे में जा कर न गिर गयी हो।गाय का पिछला बायां पैर टूटने की आशंका हैं।महिला का कहना है कि उसने मंदिर के पुजारी व वन विभाग के कर्मियों से प्रयास कर गड्ढे से गाय को निकालने का भरसक प्रयास किया लेकिन आदमियों की कम संख्या के कारण वह सफल नही हुई। योगी सरकार गायों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर भले ही कृत संकल्पित है।पर चुनाव के चलते किसी नेता व समाज सेवी की नजर इस बेजुबान पर नही पड़ी।

Leave a Comment