यात्री ने फार्म वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया था
प्रतापगढ़। तत्काल फार्म में हेराफेरी की शिकायत को संज्ञान में लेते हुये रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को इस मामले की जांच करने आये कंप्लेन इंस्पेक्टर रिजवान ने आरक्षण दफ्तर में जाकर अभिलेखों की पड़ताल की। कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। एसएस से भी मुलाकात की। जांच निरीक्षक की मायने तो प्रथम दृष्टया मामला फर्जी ही लग रहा है। लेकिन जांच तो करनी है। बता दें कि 14 फरवरी को अमेठी के बीके गुप्ता ने अधिकारियों को भेजे गये शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि उसको पद्मावत एक्सप्रेस से दिल्ली का तत्काल का टिकट चाहिये था। जिसके लिए उसकी पत्नी आरक्षण की लाइन में चार नंबर पर खड़ी थी। लेकिन उसको पांच नंबर का फार्म दे दिया गया। जिससे उसका टिकट नहीं बन पाया। लखनऊ वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। हकीकत जानने के लिए उन्होंने कंप्लेन इंस्पेक्टर रिजवान को भेजा था। जांच के दौरान पता चला है कि कंप्लेन में दम नहीं है। यह किसी के कहने पर कराई गई है। इसके पीछे किसी दलाल या फिर रेल कर्मी का हाथ हो सकता है। इसकी चर्चा हो रही है। खास बात यह है कि बीके गुप्ता ने जो मोबाइल नम्बर शिकायती पत्र में लिखा है। वह दूसरे का है। उससे बात भी नहीं हो पा रही है। इससे मामला और भी संदिग्ध लग रहा है। फिलहाल इंस्पेक्टर लिखा पढ़ी करके ले गया है।



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