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खाद्य निगम में नौकरी दिलवाने के नाम पर फ्रॉड

लखनऊ एसटीएफ व तारुन पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
तारुन – अयोध्या। थाना क्षेत्र के फतेहपुर कमासिन गांव की एक राइस मिल में खाद्य विभाग की नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जी ट्रेनिंग सेन्टर का लखनऊ एसटीएफ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में गैंग से जुड़े शातिर सहित तीन लोग पुलिस के हत्थे चढे है। पकड़े गये गैंग पर एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर तारुन पुलिस ने जालसाजी धोखाधड़ी सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।जिनसे एसटीएफ पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है।पकड़े गये गैंग के सदस्य युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे  लाखों रुपया ऐठ कर फर्जी ट्रेंनिग सेंटर में बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र देते थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी बीकापुर चंद्रभूषण त्रिपाठी ने बताया कि गैंग का शिकार कौशाम्बी जिले के ग्राम रतगहा पोस्ट शेखपुर रसूलपुर थाना चरवा निवासी बृजेन्द्र कुमार शर्मा पुत्र बड़ेलाल शर्मा हुआ था।उसने मामले की शिकायत लखनऊ एसटीएफ से किया था।जांच के दौरान कुछ लोग लखनऊ एसटीएफ के हत्थे चढ़ गये। जिनसे कड़ाई से पुलिस पूछताछ कर रही थी उसी दौरान अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के फतेहपुर कमासिन गांव की एक राइस मिल में फर्जी कम्पनी ट्रेनिग सेन्टर चलने की बात पुलिस के सामने आई। पुलिस ने सोमवार की प्रातः छापेमारी कर ट्रेनिग सेन्टर चला रहे लोगों सहित राइस मिल मालिक के बेटे को गिरफ्तार कर तारुन थाने ले आई। पुलिस मामले में अभी पूछताछ का हवाला देकर कुछ बताने को तैयार नही थी। लेकिन पुलिस के हत्थे चढे गैंग के शातिर का छदम नाम नकुल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी नेवादा थाना जैतपुर जनपद अम्बेडकर नगर पुलिस ने बताया हैं। जिसका असली नाम अनुराग प्रजापति पुत्र बुधिराम निवासी ग्राम कस्तूरीपुर थाना महराजगंज हैं। जिसके दो अन्य साथी पंकज व लल्लन है। पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रभूषण त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गये लोगो पर एसटीएफ इंस्पेक्टर दिलीप तिवारी की तहरीर पर धोखाधड़ी जालसाजी सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।

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लखनऊ एसटीएफ व तारुन पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
तारुन – अयोध्या। थाना क्षेत्र के फतेहपुर कमासिन गांव की एक राइस मिल में खाद्य विभाग की नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जी ट्रेनिंग सेन्टर का लखनऊ एसटीएफ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में गैंग से जुड़े शातिर सहित तीन लोग पुलिस के हत्थे चढे है। पकड़े गये गैंग पर एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर तारुन पुलिस ने जालसाजी धोखाधड़ी सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।जिनसे एसटीएफ पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है।पकड़े गये गैंग के सदस्य युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे  लाखों रुपया ऐठ कर फर्जी ट्रेंनिग सेंटर में बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र देते थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी बीकापुर चंद्रभूषण त्रिपाठी ने बताया कि गैंग का शिकार कौशाम्बी जिले के ग्राम रतगहा पोस्ट शेखपुर रसूलपुर थाना चरवा निवासी बृजेन्द्र कुमार शर्मा पुत्र बड़ेलाल शर्मा हुआ था।उसने मामले की शिकायत लखनऊ एसटीएफ से किया था।जांच के दौरान कुछ लोग लखनऊ एसटीएफ के हत्थे चढ़ गये। जिनसे कड़ाई से पुलिस पूछताछ कर रही थी उसी दौरान अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के फतेहपुर कमासिन गांव की एक राइस मिल में फर्जी कम्पनी ट्रेनिग सेन्टर चलने की बात पुलिस के सामने आई। पुलिस ने सोमवार की प्रातः छापेमारी कर ट्रेनिग सेन्टर चला रहे लोगों सहित राइस मिल मालिक के बेटे को गिरफ्तार कर तारुन थाने ले आई। पुलिस मामले में अभी पूछताछ का हवाला देकर कुछ बताने को तैयार नही थी। लेकिन पुलिस के हत्थे चढे गैंग के शातिर का छदम नाम नकुल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी नेवादा थाना जैतपुर जनपद अम्बेडकर नगर पुलिस ने बताया हैं। जिसका असली नाम अनुराग प्रजापति पुत्र बुधिराम निवासी ग्राम कस्तूरीपुर थाना महराजगंज हैं। जिसके दो अन्य साथी पंकज व लल्लन है। पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रभूषण त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गये लोगो पर एसटीएफ इंस्पेक्टर दिलीप तिवारी की तहरीर पर धोखाधड़ी जालसाजी सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।

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