वेलेंटाइन डे पर गुलजार रहे होटल व रेस्टोरेन्ट, मंदिरो में रही भीड़
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। वेलेेन्टाइन डे पर सोमवार को लोगो ने अपने चाहने वालो को अनेक प्रकार के तोहफे दिए। साथ ही प्रेम कायम रखने का पूरा भरोसा दिलाया। मंदिरो में दर्शन पूजन के लिए जहां युगल जोड़ो की भारी भीड़ रही। वही आज होटल व रेस्टोरेन्ट भी गुलजार रहे। एकान्त स्थानो पर प्रेमी युगल मिले तथा प्रेम का भरपूर इजहार किया। दूसरी ओर शादी शुदा लोग की पत्नी को उपहार देने में पीछे नहीं रहे।प्रेम के प्रतीक पर्व वेलेन्टाइन डे महानगरो से छलांग लगाकर धीरे धीरे ग्रामीणांचल की ग्रामीण संस्कृति में भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। इस अवसर पर लोग अपने अपने अनोखे ढंग से प्रेम का प्रदर्शन करते है। हालांकि इस सम्बंध में लोगो का अलग अलग दृष्टिकोण है। कुछ लोग वेलेन्टाइन डे को पश्चिमी संस्कृति में ढली ऐसी तहजीब मानते है कि भारतीय संस्कृति के प्रतिकूल है। जो भारतीय संस्कृति में प्रदूषण फैलाकर प्रेम के पवित्र प्रकाश को अंधकारमय करने का विफल प्रयास कर रहा है। जबकि युवाओ का कहना है कि प्रेम के पावन प्रकाश में दिखावा व वासना का प्रवेश नहीं होता है। ऐसे में युवा वर्ग अपनी परम्परा को भूलकर वेलेन्टाइन डे के नाम पर पश्चिमी संस्कृति में गोते लगा रहा है। दूसरी तरफ कुछ लोगो का मानना है कि प्रेम वह समुंदर है जिसकी गहराई का पता लगाना मुश्किल है। सोमवार को भगवान भास्कर की भोर की प्रथम किरण रेखा के धरती के गोद में उतरने के साथ ही दिशाएं थिरक उठी। शीतल, मंद, सुगंधित बसंती बयार में संगीत की भरभरी स्वर लहरी वंशी के रन्ध्रो से फूट पड़ी। विभिन्न स्थानो पर गुलाब, गुलमेहंदी, गेन्दा ड्रेजी, जूही आदि फूलो की दुकाने खुल गई। जहां पर सुबह से खरीददारो की भीड़ पहुंचने लगी। मनपसंद फूल के गुलदस्ते की खूब खरीददारी हुई। उधर आज मंदिरो में भी दर्शन पूजन के लिए सुबह से ही भीड़ पहुंचने लगी। नगर स्थित मां बेल्हा देवी के अलावा ग्रामीण अंचलो में स्थित मंदिरो में आज दिन भर पूजन अर्चन का क्रम बना रहा। वहां पर युगलो की भीड़ आज अधिक दिखाई पड़ी। लोगो ने आज सुबह उठते ही पत्नी व प्रेमिका को विश किया। साथ ही व्हाट्स अप पर शायराना अंदाज में मैसेज भेजकर प्रेम का इजहार किया। वही अनेक लोगो ने होटल, रेस्टोरेन्ट आदि में अपने ढंग से वेलेन्टाइन डे मनाया।
वेलेंटाइन डे पर गुलजार रहे होटल व रेस्टोरेन्ट, मंदिरो में रही भीड़
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। वेलेेन्टाइन डे पर सोमवार को लोगो ने अपने चाहने वालो को अनेक प्रकार के तोहफे दिए। साथ ही प्रेम कायम रखने का पूरा भरोसा दिलाया। मंदिरो में दर्शन पूजन के लिए जहां युगल जोड़ो की भारी भीड़ रही। वही आज होटल व रेस्टोरेन्ट भी गुलजार रहे। एकान्त स्थानो पर प्रेमी युगल मिले तथा प्रेम का भरपूर इजहार किया। दूसरी ओर शादी शुदा लोग की पत्नी को उपहार देने में पीछे नहीं रहे।प्रेम के प्रतीक पर्व वेलेन्टाइन डे महानगरो से छलांग लगाकर धीरे धीरे ग्रामीणांचल की ग्रामीण संस्कृति में भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। इस अवसर पर लोग अपने अपने अनोखे ढंग से प्रेम का प्रदर्शन करते है। हालांकि इस सम्बंध में लोगो का अलग अलग दृष्टिकोण है। कुछ लोग वेलेन्टाइन डे को पश्चिमी संस्कृति में ढली ऐसी तहजीब मानते है कि भारतीय संस्कृति के प्रतिकूल है। जो भारतीय संस्कृति में प्रदूषण फैलाकर प्रेम के पवित्र प्रकाश को अंधकारमय करने का विफल प्रयास कर रहा है। जबकि युवाओ का कहना है कि प्रेम के पावन प्रकाश में दिखावा व वासना का प्रवेश नहीं होता है। ऐसे में युवा वर्ग अपनी परम्परा को भूलकर वेलेन्टाइन डे के नाम पर पश्चिमी संस्कृति में गोते लगा रहा है। दूसरी तरफ कुछ लोगो का मानना है कि प्रेम वह समुंदर है जिसकी गहराई का पता लगाना मुश्किल है। सोमवार को भगवान भास्कर की भोर की प्रथम किरण रेखा के धरती के गोद में उतरने के साथ ही दिशाएं थिरक उठी। शीतल, मंद, सुगंधित बसंती बयार में संगीत की भरभरी स्वर लहरी वंशी के रन्ध्रो से फूट पड़ी। विभिन्न स्थानो पर गुलाब, गुलमेहंदी, गेन्दा ड्रेजी, जूही आदि फूलो की दुकाने खुल गई। जहां पर सुबह से खरीददारो की भीड़ पहुंचने लगी। मनपसंद फूल के गुलदस्ते की खूब खरीददारी हुई। उधर आज मंदिरो में भी दर्शन पूजन के लिए सुबह से ही भीड़ पहुंचने लगी। नगर स्थित मां बेल्हा देवी के अलावा ग्रामीण अंचलो में स्थित मंदिरो में आज दिन भर पूजन अर्चन का क्रम बना रहा। वहां पर युगलो की भीड़ आज अधिक दिखाई पड़ी। लोगो ने आज सुबह उठते ही पत्नी व प्रेमिका को विश किया। साथ ही व्हाट्स अप पर शायराना अंदाज में मैसेज भेजकर प्रेम का इजहार किया। वही अनेक लोगो ने होटल, रेस्टोरेन्ट आदि में अपने ढंग से वेलेन्टाइन डे मनाया।



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