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पूर्व मंत्री राजाराम के बेटे संजय पांडेय ने निर्दल किया नामांकन
प्रतापगढ़ । विश्वनाथगंज विधानसभा को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता ही मंगलवार को उस समय उग्र हो उठे जब उन्हें पता चला कि टिकट दाखिला से ठीक पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वनाथ विधानसभा से प्रत्याशी संजय पांडेय को टिकट दाखिल करने से रोक दिया है। जैसे ही सपा अध्यक्ष का फोन आया संजय पांडेय जो पूजा अर्चना के बाद दाखिला करने निकलने ही वाले थे उन्हें दाखिल करने से रोका गया। समर्थकों के बीच पहुंचे और टिकट दाखिला न करने की बात को लेकर फफक कर रो पड़े। पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजाराम पाण्डेय के पुत्र संजय के रोते देख समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। सर्व समाज के उमड़े उनके समर्थक हजारों की संख्या में न केवल सिर पर लगाई हुई लाल टोपी को फाड़ दिया। बल्कि झंडा बैनर यहां तक कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं मुलायम सिंह यादव की तस्वीरें भी जमीन पर पटक कर पैरों तले रौदा जाने लगा। वैसे संजय पांडेय अपने समर्थकों को रोकने का प्रयास भी करते दिखाई दिए। किंतु उनके सात हजार से अधिक समर्थकों ने एक स्वर से निर्दल ही पर्चा दाखिल करने के लिए उनसे अनुनय विनय करने लगे। जन समर्थन को देखते हुए संजय पांडेय ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में विश्वनाथगंज विधानसभा से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस हाई वोल्टेज ड्रामा के दौरान हर व्यक्ति के जुबान पर एक ही बात गूंज रही थी कि स्वर्गीय राजाराम पाण्डेय के पुत्र के साथ जो यह नाटकीय खेल सपा द्वारा खेला गया है उसको कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। अब लड़ाई आर-पार की लड़ने के लिए तैयार हैं। कुछ लोग तो यह भी कहते रहे कि स्वर्गीय राजाराम को धोखा देने वालों को जनता जवाब देगी। बता दें कि रात 10:30 बजे सपा मुखिया राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संजय पांडेय से चुनाव लड़ने के लिए कह कर उन्हें सिंबल और फार्म एबी देकर लखनऊ से भेजा। विगत कई वर्षों से चुनाव हारने के बाद भी संजय पांडेय विश्वनाथगंज विधानसभा के लोगों के सुख-दुख में सदैव मजबूती से खड़े रहे। जिसके कारण बिना किसी सूचना के लोगों एवं सोशल मीडिया से जानकारी प्राप्त करके हजारों की संख्या में समर्थक पहुंच गए थे। पता नहीं किन मजबूरियों के चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक जमीनी नेता का टिकट काट दिया। उनकी समस्या हो सकती है किंतु कार्यकर्ताओं के साथ जिस प्रकार से मजाक हुआ है उसे कार्यकर्ताओं ने बहुत ही आक्रोशित अंदाज में लिया। परिणाम क्या होगा यह तो समय बताएगा किंतु समाजवादी पार्टी को विश्वनाथगंज विधानसभा में प्रचंड विरोध का सामना करना पड़ सकता है।



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