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उम्मीदवार तो बस खामाख्याली मे

राज्य ब्यूरो प्रमुख। … उम्मीदवारों को जाने कैसे खामाख्याली है कि सब कुछ ठीक है की मतदाता पक्ष में हैं |जबकि सच इसके इतर है |विधानसभा चुनाव की तारीखें करीब हैं।महज कुछ दिनों में वोट डालने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। ठंड में भी सियासी पारा गर्म है|  चुनाव में कई नए ट्रेंड भी देखे जा रहे हैं जो आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण और राजनीतिक समीकरण को असर कर सकते हैं। इस बार बहुत कुछ ऐसा नया हो रहा है।वही प्रयागराज मे पिछले चुनाव की कहानी एक बार फिर वोटरों मे दोहराते हुए नजर आ रही है |हर बार की तरह इस बार भी सभी समुदाय के मतदाता बटे हुए नजर आ रहे हैं |जितने उम्मीदवार उतनी बातें हो रही है| दावों में कुनबे की एकता कहीं भी नजर नहीं आई रही है सभी अपने अपने कयास लगा रहे है |भाजपा हराओ,सपा को सबक सिखाओ, देखो- देखो कौन आया!जैसे नारों की आवाज बुलंद हो रही है |यहां तक की एक ही परिवार का वोट तीन  खानो की तरफ पड़ता नजर आ रहा है|इस चुनाव में मतदाताओं वोटरों में भी वो रुझान,जोश देखने को नहीं मिल रहा है |जो आमतौर पर होता है|जो की मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उलझाव की कहानी बया कर रहा है |शहर और देहात के मुस्लिम मतदाताओं में काफी फर्क देखने को मिल रहा है |साफ तौर पर कहे तो मुस्लिम वोटर सिर पर उठाए साइकिल चलाते नजर आएंगे या पंतग उड़ाएगे ये तो वक्त ही तय करेगा |वही पंजे की चाहत भी नजर आई रही है |शहरी क्षेत्रों पर निगाह डालें तो मुस्लिम वोटर आप प्रत्याशी अल्ताफ अहमद के पक्ष में ज्यादा दिखे  रहे है |इसके बाद भी कुछ सपा को वोट देते  भी नजर  आ रहे है| फूलपुर, सोरांव,मऊ आईमा, नवाबगंज के मुस्लिम मतदाता तो दो खेमों में दिख रहे है | ऐसे मे वोटर दो फाड़ दिख रहे है |वही झूसी, फाफामऊ, सरायइनायत और शहर उत्तरी इलाकों मे कांग्रेस भी मुस्लिम वोटो मे सेंध लगाने की गुंजाइश है|शहर पश्चिमी विधानसभा सीट मुस्लिम वोटरो के लेहाज से लगातार पांच बार यहां पर माफिया से नेता बने अतीक अहमद का दबदबा रहा है |यह ऐसा वक्त था जब यहां आतंक और बाहुबल का बोलबाला हुआ करता था|यहां अपराध अक्सर हावी रहा|हवा का रुख बदला और दो बार इस सीट से पूजा पाल बसपा से विधायक रहीं| पिछले विधानसभा चुनाव में यहां पहली बार कमल खिला और भारतीय जनता पार्टी से सिद्धार्थनाथ सिंह शहर पश्चिमी विधानसभा के विधायक चुने गए| अब दस मार्च  को तय होगा कि अगला विधायक कौन होगा|कई क्षेत्रों मे असद उद्दीन ओवैसी की ( ए आईएमआई एम ) पार्टी ने मतदाताओं को लुभाया है |गांव हो या शहर ज्यादातर मुस्लिम मतदाता इस उलझन में है कि भाजपा को कौन हरा रहा है सपा का टिकट बटवारा उसके ही गले की फास बनता नजर आ रहा है  उसके स्थानीय नेता भी बागी हो रहे है,ओवैसी भी हाजिर जवाब नजर आ रहे है |विधानसभा  2022 के चुनाव में भी प्रयागराज के मतदाता सपा, बसपा, कांग्रेस, एआईएमआई एम , आप में बटे हुए नजर आ रहे हैं | कई राजनैतिक कुनबे एकजुट होकर वोट करने का पाठ पढ़ा रहे है,  जो पूरी तरह फेल साबित हो रहा है |मतदान की तारीख के ऐलान  और नामांकन के बाद एक बार फिर दावों का दौर शुरू हो गया है|

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राज्य ब्यूरो प्रमुख। … उम्मीदवारों को जाने कैसे खामाख्याली है कि सब कुछ ठीक है की मतदाता पक्ष में हैं |जबकि सच इसके इतर है |विधानसभा चुनाव की तारीखें करीब हैं।महज कुछ दिनों में वोट डालने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। ठंड में भी सियासी पारा गर्म है|  चुनाव में कई नए ट्रेंड भी देखे जा रहे हैं जो आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण और राजनीतिक समीकरण को असर कर सकते हैं। इस बार बहुत कुछ ऐसा नया हो रहा है।वही प्रयागराज मे पिछले चुनाव की कहानी एक बार फिर वोटरों मे दोहराते हुए नजर आ रही है |हर बार की तरह इस बार भी सभी समुदाय के मतदाता बटे हुए नजर आ रहे हैं |जितने उम्मीदवार उतनी बातें हो रही है| दावों में कुनबे की एकता कहीं भी नजर नहीं आई रही है सभी अपने अपने कयास लगा रहे है |भाजपा हराओ,सपा को सबक सिखाओ, देखो- देखो कौन आया!जैसे नारों की आवाज बुलंद हो रही है |यहां तक की एक ही परिवार का वोट तीन  खानो की तरफ पड़ता नजर आ रहा है|इस चुनाव में मतदाताओं वोटरों में भी वो रुझान,जोश देखने को नहीं मिल रहा है |जो आमतौर पर होता है|जो की मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उलझाव की कहानी बया कर रहा है |शहर और देहात के मुस्लिम मतदाताओं में काफी फर्क देखने को मिल रहा है |साफ तौर पर कहे तो मुस्लिम वोटर सिर पर उठाए साइकिल चलाते नजर आएंगे या पंतग उड़ाएगे ये तो वक्त ही तय करेगा |वही पंजे की चाहत भी नजर आई रही है |शहरी क्षेत्रों पर निगाह डालें तो मुस्लिम वोटर आप प्रत्याशी अल्ताफ अहमद के पक्ष में ज्यादा दिखे  रहे है |इसके बाद भी कुछ सपा को वोट देते  भी नजर  आ रहे है| फूलपुर, सोरांव,मऊ आईमा, नवाबगंज के मुस्लिम मतदाता तो दो खेमों में दिख रहे है | ऐसे मे वोटर दो फाड़ दिख रहे है |वही झूसी, फाफामऊ, सरायइनायत और शहर उत्तरी इलाकों मे कांग्रेस भी मुस्लिम वोटो मे सेंध लगाने की गुंजाइश है|शहर पश्चिमी विधानसभा सीट मुस्लिम वोटरो के लेहाज से लगातार पांच बार यहां पर माफिया से नेता बने अतीक अहमद का दबदबा रहा है |यह ऐसा वक्त था जब यहां आतंक और बाहुबल का बोलबाला हुआ करता था|यहां अपराध अक्सर हावी रहा|हवा का रुख बदला और दो बार इस सीट से पूजा पाल बसपा से विधायक रहीं| पिछले विधानसभा चुनाव में यहां पहली बार कमल खिला और भारतीय जनता पार्टी से सिद्धार्थनाथ सिंह शहर पश्चिमी विधानसभा के विधायक चुने गए| अब दस मार्च  को तय होगा कि अगला विधायक कौन होगा|कई क्षेत्रों मे असद उद्दीन ओवैसी की ( ए आईएमआई एम ) पार्टी ने मतदाताओं को लुभाया है |गांव हो या शहर ज्यादातर मुस्लिम मतदाता इस उलझन में है कि भाजपा को कौन हरा रहा है सपा का टिकट बटवारा उसके ही गले की फास बनता नजर आ रहा है  उसके स्थानीय नेता भी बागी हो रहे है,ओवैसी भी हाजिर जवाब नजर आ रहे है |विधानसभा  2022 के चुनाव में भी प्रयागराज के मतदाता सपा, बसपा, कांग्रेस, एआईएमआई एम , आप में बटे हुए नजर आ रहे हैं | कई राजनैतिक कुनबे एकजुट होकर वोट करने का पाठ पढ़ा रहे है,  जो पूरी तरह फेल साबित हो रहा है |मतदान की तारीख के ऐलान  और नामांकन के बाद एक बार फिर दावों का दौर शुरू हो गया है|

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