रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा मा0 जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली अब्दुल शाहिद के दिशा-निर्देशन में सुमित कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली द्वारा बाल संरक्षण गृह, लखनऊ का निरीक्षण वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस दौरान सचिव द्वारा उपस्थित रायबरेली के बच्चों से उनका हालचाल पूछा गया। सचिव द्वारा निरुद्ध बंदियों से पूछा गया कि उनके पास अधिवक्ता है अथवा नहीं तथा ऐसा कोई किशोर तो नहीं है जिसकी जमानत न्यायालय से होने के बाद भी जमानतदार न दाखिल होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी हो। कोरोना महामारी व शीतलहर को दृष्टिगत रखते हुए अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी निरुद्ध किशोरों का आवश्यक रुप से कोरोना टेस्ट कराया जाए एवं नियमित सैनिटाइजेशन के साथ-साथ निरुद्ध किशोरों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराये।
रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा मा0 जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली अब्दुल शाहिद के दिशा-निर्देशन में सुमित कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली द्वारा बाल संरक्षण गृह, लखनऊ का निरीक्षण वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस दौरान सचिव द्वारा उपस्थित रायबरेली के बच्चों से उनका हालचाल पूछा गया। सचिव द्वारा निरुद्ध बंदियों से पूछा गया कि उनके पास अधिवक्ता है अथवा नहीं तथा ऐसा कोई किशोर तो नहीं है जिसकी जमानत न्यायालय से होने के बाद भी जमानतदार न दाखिल होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी हो। कोरोना महामारी व शीतलहर को दृष्टिगत रखते हुए अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी निरुद्ध किशोरों का आवश्यक रुप से कोरोना टेस्ट कराया जाए एवं नियमित सैनिटाइजेशन के साथ-साथ निरुद्ध किशोरों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराये।



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