V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

संस्कृति और संस्कार के साथ सदगुरु की कृपा से मिलता है मोक्ष

लालगंज के जगदीश मैरिज हॉल में राम कथा का हुआ शुभारंभ
लालगंज प्रतापगढ़। स्थानीय कस्बे में सात दिवसीय रामकथा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। भव्य कलश यात्रा के उपरांत शुरू हुई रामकथा के प्रथम दिवस चित्रकूट धाम से पधारी पूज्या सुरभि, बैदेही जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सदगुरु प्राप्ति का मार्ग बताया।उन्होंने मानस की प्रथम चौपाई बंदऊ गुरु पद पदुम परागा का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए बताया कि सम्पूर्ण मानस की एक  एक चौपाई संस्कार और संस्कृति का मूल मंत्र है। सबसे अपील करते हुए उन्होंने चेताया कि यदि हमारे परिवार ,हमारे बच्चों में संस्कार लाना है तो उन्हें संस्कृति से जोड़ना होगा।वैदेही जी ने आगे बताया कि यदि जीवन में संस्कार और सदगुरु मिल गए तो जीवन आसान हो जायेगा। मोक्ष का साधन बताते हुए उन्होंने मनुष्य को राम नाम के मर्म को समझाया।मानस कथा के प्रथम दिन ही उन्होंने अपने रसमयी भजनों से उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कथा के संयोजक एवम आयोजक जय कौशल एवम अनिल शुक्ला राजा ने आए हुए श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।कथा के दौरान समाजसेवी संजय शुक्ल, अभिषेक पांडेय,कैलाश नाथ तिवारी,किशोर पारीक,विनोद मिश्रा,राधेश्याम मिश्रा,निशा तिवारी,अमरावती,कृष्ण नंदिनी तिवारी,वीरेंद्र तिवारी, एस एन तिवारी,नीतेश दुबे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
लालगंज के जगदीश मैरिज हॉल में राम कथा का हुआ शुभारंभ
लालगंज प्रतापगढ़। स्थानीय कस्बे में सात दिवसीय रामकथा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। भव्य कलश यात्रा के उपरांत शुरू हुई रामकथा के प्रथम दिवस चित्रकूट धाम से पधारी पूज्या सुरभि, बैदेही जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सदगुरु प्राप्ति का मार्ग बताया।उन्होंने मानस की प्रथम चौपाई बंदऊ गुरु पद पदुम परागा का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए बताया कि सम्पूर्ण मानस की एक  एक चौपाई संस्कार और संस्कृति का मूल मंत्र है। सबसे अपील करते हुए उन्होंने चेताया कि यदि हमारे परिवार ,हमारे बच्चों में संस्कार लाना है तो उन्हें संस्कृति से जोड़ना होगा।वैदेही जी ने आगे बताया कि यदि जीवन में संस्कार और सदगुरु मिल गए तो जीवन आसान हो जायेगा। मोक्ष का साधन बताते हुए उन्होंने मनुष्य को राम नाम के मर्म को समझाया।मानस कथा के प्रथम दिन ही उन्होंने अपने रसमयी भजनों से उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कथा के संयोजक एवम आयोजक जय कौशल एवम अनिल शुक्ला राजा ने आए हुए श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।कथा के दौरान समाजसेवी संजय शुक्ल, अभिषेक पांडेय,कैलाश नाथ तिवारी,किशोर पारीक,विनोद मिश्रा,राधेश्याम मिश्रा,निशा तिवारी,अमरावती,कृष्ण नंदिनी तिवारी,वीरेंद्र तिवारी, एस एन तिवारी,नीतेश दुबे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Leave a Comment