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कविता मानव में संस्कार का रोपण करती है :जगदीश मित्तल

अयोध्या। हास्य , श्रंगार , वीर रस के छन्दों ने भारतीय साहित्य की गहनता का अयोध्या महोत्सव में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के अवसर पर श्रोताओं को परिचय कराया। खराब मौसम के बाद भी कवियों को सुनने के लिए महोत्सव के प्रांगण में भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल व विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख मसौधा अभिषेक सिंह रहे। अध्यक्षता बाबा सत्यनारायन मौर्य व संचालन कवि रामकिशोर तिवारी ने किया। राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने कहा कि कविता आत्मा का मौलिक व विशिष्ट संगीत है। यह मानव में संस्कार का रोपण करती है। हमारे विचारों को साकार स्वरुप प्रदान करने का यह सबसे प्रबल माध्यम है। अयोध्या महोत्सव हमारी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ इसे सम्बल प्रदान करने में लगातार लगा हुआ है। अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव ने बताया कि अयोध्या महोत्सव में पूरे देश की विभिन्न कलाकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करने के लिए फोन पर सम्पर्क कर रहे है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम तक से लोगो के फोन आ रहे है। सभी अयोध्या की धरा पर अपना प्रदर्शन करने के लिए आतुर है। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने का मुहिम का व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान बाबा सत्यनारायन मौर्य ने अपनी कविताओं व चित्रकारी की प्रस्तुति से लोगो को मन मोह लिया। कवि शिव कुमार व्यास ने ऐसा लगता था की धरती पर शौर्य उतर आया है की प्रस्तुतियों को देशभक्ति का भाव पूरे परिवेश में भर दिया। ज्योति त्रिपाठी ने तिरंगे पर जो आंच आये अपमान सबका है, अजय प्रधान ने एसी के पंखे को पर नीम की छाव जरुरी है , अरुण द्विवेदी ने प्रेम का ढाई आखर है जिसने पढ़ा जीतने की कला उसके नाम है , अन्वेषा श्रीवास्तव ने अगर कैकई न होती तो श्रीराम न होते की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति की। इस अवसर पर इं रवि तिवारी , महासचिव आकाश अग्रवाल, सचिव नाहिद कैफ , उपाध्यक्ष अरुण द्विवेदी , उपाध्यक्ष रेणुका रंजन श्रीवास्तव , चन्द्रशेखर तिवारी , कोषाध्यक्ष विजय यादव , मुख्य कार्यक्रम प्रभारी अनुजेन्द्र तिवारी तथा कार्यक्रम प्रभारी के रुप में विवेक पाण्डेय , एसबी सागर , बृजमोहन तिवारी , मोहित मिश्रा , श्रृष्टि सिंह , श्रद्धा तिवारी , श्रुति श्रीवास्तव , डा निखिल उपाध्याय , ऋचा उपाध्याय , पूजा अरोड़ा , जयांश श्रीवास्तव , गौरव सिंह , उज्जवल चौहान , सौरभ मिश्रा , प्रवीण सिंह , प्रशान्त गौड़ , निकिता चौहान , रोहित रायजदा , भास्कर विश्वकर्मा मौजूद रहे।

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अयोध्या। हास्य , श्रंगार , वीर रस के छन्दों ने भारतीय साहित्य की गहनता का अयोध्या महोत्सव में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के अवसर पर श्रोताओं को परिचय कराया। खराब मौसम के बाद भी कवियों को सुनने के लिए महोत्सव के प्रांगण में भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल व विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख मसौधा अभिषेक सिंह रहे। अध्यक्षता बाबा सत्यनारायन मौर्य व संचालन कवि रामकिशोर तिवारी ने किया। राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने कहा कि कविता आत्मा का मौलिक व विशिष्ट संगीत है। यह मानव में संस्कार का रोपण करती है। हमारे विचारों को साकार स्वरुप प्रदान करने का यह सबसे प्रबल माध्यम है। अयोध्या महोत्सव हमारी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ इसे सम्बल प्रदान करने में लगातार लगा हुआ है। अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव ने बताया कि अयोध्या महोत्सव में पूरे देश की विभिन्न कलाकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करने के लिए फोन पर सम्पर्क कर रहे है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम तक से लोगो के फोन आ रहे है। सभी अयोध्या की धरा पर अपना प्रदर्शन करने के लिए आतुर है। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने का मुहिम का व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान बाबा सत्यनारायन मौर्य ने अपनी कविताओं व चित्रकारी की प्रस्तुति से लोगो को मन मोह लिया। कवि शिव कुमार व्यास ने ऐसा लगता था की धरती पर शौर्य उतर आया है की प्रस्तुतियों को देशभक्ति का भाव पूरे परिवेश में भर दिया। ज्योति त्रिपाठी ने तिरंगे पर जो आंच आये अपमान सबका है, अजय प्रधान ने एसी के पंखे को पर नीम की छाव जरुरी है , अरुण द्विवेदी ने प्रेम का ढाई आखर है जिसने पढ़ा जीतने की कला उसके नाम है , अन्वेषा श्रीवास्तव ने अगर कैकई न होती तो श्रीराम न होते की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति की। इस अवसर पर इं रवि तिवारी , महासचिव आकाश अग्रवाल, सचिव नाहिद कैफ , उपाध्यक्ष अरुण द्विवेदी , उपाध्यक्ष रेणुका रंजन श्रीवास्तव , चन्द्रशेखर तिवारी , कोषाध्यक्ष विजय यादव , मुख्य कार्यक्रम प्रभारी अनुजेन्द्र तिवारी तथा कार्यक्रम प्रभारी के रुप में विवेक पाण्डेय , एसबी सागर , बृजमोहन तिवारी , मोहित मिश्रा , श्रृष्टि सिंह , श्रद्धा तिवारी , श्रुति श्रीवास्तव , डा निखिल उपाध्याय , ऋचा उपाध्याय , पूजा अरोड़ा , जयांश श्रीवास्तव , गौरव सिंह , उज्जवल चौहान , सौरभ मिश्रा , प्रवीण सिंह , प्रशान्त गौड़ , निकिता चौहान , रोहित रायजदा , भास्कर विश्वकर्मा मौजूद रहे।

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