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रायपुर। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के 2 साल पूरे होते ही, ढाई साल में सीएम बदलने के फार्मूले की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। विधानसभा चुनाव में बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी के 4 नेता मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल थे, जिसमें भूपेश बघेल, टी एस सिंह देव, चरणदास महंत कथा ताम्रध्वज साहू। हाईकमान के फैसले के बाद सीएम भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया था। तभी से से ढाई साल बाद टी एस सिंह देव के सीएम बनने की चर्चा भी समय-समय पर उठती आई है। इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि कहीं ना कहीं हाईकमान के साथ छत्तीसगढ़ के नेताओं की चर्चा में कुछ तो समझौता हुआ था, क्योंकि एक कहावत प्रचलित है कि जहां आग होता है वहीं से धुआं उठता है। इस 2 साल के कार्यकाल में समय-समय पर टी एस सिंह देव के सीएम बनने की चर्चा उठती आ रही है। 3 दिन पहले टी एस सिंह देव के बयान के बाद छत्तीसगढ़ में फिर ढाई साल का मुद्दा चर्चा में आ गया है। टी एस सिंह देव ने स्पष्ट तौर पर मीडिया से कहा था कि सीएम कौन कितने दिन रहेगा या फैसला हाईकमान तय करेगा। आज मीडिया के सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा मैं हाईकमान के फैसले के आगे नतमस्तक हूं , जो निर्णय लेगा उसका पालन करूंगा, मुझे इस्तीफा देने के लिए कहेगा तो मैं तत्काल इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन यह समझना होगा कि छत्तीसगढ़ के विकास से किन लोगों को दिक्कत हो रही है, वह लोग छत्तीसगढ़ का विकास नहीं चाहते। उनके इस बयान के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं कि उनका इसारा अपनी पार्टी के नेताओं के तरफ है या विपक्ष की तरफ। आगे देखना होगा कि हाईकमान इस विषय पर क्या फैसला लेता है ढाई साल के फार्मूले पर विचार करता है या भूपेश बघेल अपने कार्यकाल को गरिमामय ढंग से पूर्ण करेंगे। टीएस बाबा का दिल्ली दौरा भी इस चर्चा को काफी हवा दे रहा है।



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