सकुशल शांति पूर्वक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मूर्तियों का हुआ विसर्जन
अयोध्या। पिछले नव दिनों से जनपद के विभिन्न स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत सादगी के साथ विसर्जित कर दिया गया। कोविड-19 के प्रोटोकॉल को देखते हुये जिला प्रशासन व केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति की सूझबूझ के साथ शहर में स्थापित सभी देवी प्रतिमाओं को इस बार शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित देवी प्रतिमाओं को एक एक कर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुये निर्मली कुंड पर विसर्जित कर दी गईं, इस दौरान शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले चौक क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों व केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के लोगों देवी प्रतिमाओं पर पुष्पवर्षा कर माता रानी के चरणों मे प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। चौक में दुर्गा प्रतिमाओं का स्वागत करने के लिए पहुंचे सांसद लल्लू सिंह , विधायक वेद प्रकाश गुप्ता,महापौर ऋषिकेश उपाध्याय,केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, व्यापारी नेता चंद्र प्रकाश गुप्ता व अन्य हिंदूवादी नेता रहे मौजूद सपा के पूर्व राज्यमंत्री तेज़ नारायण पवन पांडेय भी चौक पहुंचकर लोगों को नवरात्र व विजयदशमी की दी शुभकामनाएं।डीएम अनुज झा व एसएससी शैलेश पांडेय ने भी शहर में निकल कर किया भ्रमण। वहीं रुदौली क्षेत्र में स्थापित दुर्गा पूजा की मूर्तियां सकुशल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जित की गई ।सुबह से ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभानी शुरू की जो देर रात तक जारी रही। पुलिस विभाग के आला अधिकारी दिन भर सक्रिय रहे। क्षेत्रीय पुलिस दिन भर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी रही ।जैसे ही मूर्तियां विसर्जन के लिए मां के भक्त जन वाहनों से लेकर चले पुलिस सक्रिय हो गई ।मूर्ति विसर्जन के लिए निकले भक्तों का जनसैलाब सड़कों पर खुलेआम नजर आया। दर्जनों स्थानों पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किए किया । मूर्ति विसर्जन सकुशल संपन्न हुआ। दिन भर जनप्रतिनिधि भी अपना कर्तव्य निभाने में जुटे नजर आए । ध्वनि विस्तारित यंत्र से भक्ति पूर्ण गीत खूब सुनाई पड़ा। मूर्ति विसर्जन मार्ग पर हजारों गड्ढे सड़क पर दिखाई पड़े। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क की उखड़ी हुई गिट्टी वाहनों के आवागमन में और पैदल चल रहे मां के भक्तों को परेशान करते रहे ।मूर्ति विसर्जन से पहले सड़क मरम्मत न करना सबसे बड़ी विभागीय लापरवाही खुलेआम नजर आई। मूर्ति विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाएं सुरक्षा, प्रकाश, पानी आदि अच्छी थी। मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में बच्चों के साथ साथ युवा वर्ग खूब उत्साहित नजर आया ।अधिक उम्र के लोग भी मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में शामिल हुए। विशाल भंडारा कार्यक्रम सुबह से शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। हलवा, पूड़ी ,चावल, दाल, केला ,बूंदी ,छोला आदि का विशाल भंडारा कार्यक्रम मे प्रसाद वितरण किया गया । प्यास बुझाने के लिए जगह जगह पर ठंडा पानी की व्यवस्था भी मां के भक्तों द्वारा की गई। मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में युवा वर्ग काफी उत्साहित नजर आया। भक्ति गीतों की धुन पर खूब डांस किया गया । मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग सड़क किनारे मां के दर्शन करते नजर आए ।मिठाई और लाई का प्रसाद हजारों भक्तों को मिला। आस्था का सैलाब सड़कों पर खुलेआम नजर आया। मूर्ति विसर्जन के समय सड़कों पर चल रहे राहगीर भी मां के जयकारा लगाते हुए अपनी मंजिल की तरफ आगे बढ़े। मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्वक सकुशल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। तहसील व स्थानीय पुलिस के अधिकारी, कर्मचारी मूर्ति विसर्जन को सकुशल संपन्न कराने में सकारात्मक भूमिका निभाते हुए, कर्तव्यों का पालन करते हुए नजर आए ।सुझाव के रूप में कहा जा सकता है कि मूर्ति विसर्जन से पहले सड़क मरम्मत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से जहां एक तरफ वाहनों के आवागमन में असुविधा होती है। वहीं दूसरी तरफ सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से मां के भक्तों को पैदल चलने में काफी संकट झेलना पड़ता है। मूर्ति विसर्जन के लिए पैदल जाने वाले भक्तों को सड़क के गड्ढे बहुत परेशान करते हैं। मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में हजारों भक्तों ने माता जी का जयकारा लगाया वही दशहरा कार्यक्रम श्री राम का जयकारा सुनाई पड़ा। दशहरा व मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम सकुशल संपन्न होने के बाद आला अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस ने राहत की सांस ली।



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