शहर से लेकर गांव तक पूर्ति विसर्जन की रही धूम
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। शारदीय नवरात्र में मां भवानी के नौ स्वरूपो की पूजा अर्चना के बाद मां की विदाई की गई। नवमी बीतते ही पूजा कमेटी के सदस्यो व भक्तो ने नाचते गाते मां का विसर्जन करने के लिए गाजे बाजे के साथ निकले। न्यायालय द्वारा नदियो में मूर्ति विसर्जन पर लगी रोक के चलते प्रशासन द्वारा खोदवाए गए तालाबो में मां की प्रतिमाओ का विसर्जन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रही। डीजे बैण्ड बजते देवी गीतो व कलात्मक प्रदर्शनो के बीच समितियो के कार्यकर्ता अबीर व गुलाल से नहाए हुए दिखते है। वे कई किमी. चलने के बाद भी नहीं थक रहे थे। लोगो को प्रसाद बांटते वे लोग काफी उत्साहित थे। एक के बाद एक विसर्जन के लिए निकल रही शोभा यात्राओ के चलते यातायात भी जाम हो रहा था। सम्बंधित चैकी की पुलिस साथ साथ चल रही थी। हालांकि आस्था के सैलाब के आगे वह विवश थी। खासतौर पर चैक, बाबागंज, राजापाल टंकी, ठठेरी बाजार सदर मोड़ पर कई बार जाम लगा। शहर की मूर्तियां बेल्हा देवी सई घाट के बगल प्रशासन द्वारा बनवाए गए गड्ढो में विसर्जित की गई। पूर्वी सहोदरपुर में स्थापित मूर्तियो का विसर्जन शुक्रवार को ही कर दिया गया। लोगो ने डीजे के साथ जाकर मूर्ति का विसर्जन किया।
शहर से लेकर गांव तक पूर्ति विसर्जन की रही धूम
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। शारदीय नवरात्र में मां भवानी के नौ स्वरूपो की पूजा अर्चना के बाद मां की विदाई की गई। नवमी बीतते ही पूजा कमेटी के सदस्यो व भक्तो ने नाचते गाते मां का विसर्जन करने के लिए गाजे बाजे के साथ निकले। न्यायालय द्वारा नदियो में मूर्ति विसर्जन पर लगी रोक के चलते प्रशासन द्वारा खोदवाए गए तालाबो में मां की प्रतिमाओ का विसर्जन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रही। डीजे बैण्ड बजते देवी गीतो व कलात्मक प्रदर्शनो के बीच समितियो के कार्यकर्ता अबीर व गुलाल से नहाए हुए दिखते है। वे कई किमी. चलने के बाद भी नहीं थक रहे थे। लोगो को प्रसाद बांटते वे लोग काफी उत्साहित थे। एक के बाद एक विसर्जन के लिए निकल रही शोभा यात्राओ के चलते यातायात भी जाम हो रहा था। सम्बंधित चैकी की पुलिस साथ साथ चल रही थी। हालांकि आस्था के सैलाब के आगे वह विवश थी। खासतौर पर चैक, बाबागंज, राजापाल टंकी, ठठेरी बाजार सदर मोड़ पर कई बार जाम लगा। शहर की मूर्तियां बेल्हा देवी सई घाट के बगल प्रशासन द्वारा बनवाए गए गड्ढो में विसर्जित की गई। पूर्वी सहोदरपुर में स्थापित मूर्तियो का विसर्जन शुक्रवार को ही कर दिया गया। लोगो ने डीजे के साथ जाकर मूर्ति का विसर्जन किया।



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