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इमाम हसन अस्करी की शहादत पर मोमबत्ती की रौशनी में निकाला गया ताबूत

प्रयागराज। इमामबाड़ा नक़ी बेग रानी मण्डी मे चुप ताज़िया अशरा ए मजलिस के अन्तिम दिन ब्रहस्पतवार को रात्रि आठ बजे मौलाना रज़ी हैदर की तक़रीर के बाद शबीहे ताबूत इमाम हसन अस्करी गुलाब और चमेली के फूलों से सजा कर इमामबाड़े की सभी लाईटों को बुझा कर मोमबत्ती की रौशनी और सुगन्धित लोहबान की धूनी के बीच निकाला गया। अन्जुमन ग़ुन्चा ए कासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के अनुसार मजलिस के बाद अन्जुमन हैदरिया रानीमण्डी के नौहाख्वान हसन रिज़वी व अन्य नौहाख्वानो ने शहादत इमाम हसन अस्करी पर पुरसा पेश करते हुए रवायती अन्दाज़ में क़दीमी नौहा पढ़ा। मजलिस के आयोजक बशीर हुसैन व बब्बू भाई ने अय्यामे अज़ा के आखरी दिन शुक्रवार को इमामबाड़ा नक़ी बेग चकय्या नीम रानी मण्डी से उठने वाले चुप ताज़िया जुलूस कोरोना गाईड लाईन के कारण नही निकालते हुए इमामबाड़े के अन्दर ही ज़ियारत कराने की बात कही।  उन्होंने अक़ीदतमन्दों से मास्क लगा कर सोशल डिस्टेन्सिंग व सरकारी गाईड लाईन को मानते हुए शरीक होने की अपील की। चुप ताज़िया ,अलम व ज़ुलजनाह की ज़ियारत प्रातः 9 बजे दिन मे 1 बजे तक कराई जायगी। उसके बाद तबरुक़ात पर चढ़ाए गए फूलों को चकिया करबला क़ब्रिस्तान मे सुपुर्देखाक कर दिया जाएगा। वहीं दरियाबाद के ऐतिहासिक बंगला से चुप ताज़िया नहीं निकालते हुए सभी आयोजन इमामबाड़ा अरब अली खाँ मे होगा। जुलूस के आयोजक तुराब हैदर बाबू भाई के अनुसार मजलिस दिन मे 11 बजे शुरु होगी और मातमी अन्जुमनो के द्वारा नौहा और मातम का सिलसिला बाद नमाज़ जुमा लगभग 1 बजे से शुरु होगा। सभी मातमी अन्जुमने एक नौहा बंगले मे पढ़ेंगी और बाक़ी के सारे कार्यक्रम इमामबाड़ा अरब अली खाँ के अन्दूरीनी हिस्से मे होंगे। शबीहों की ज़ियारत कोविड गाईड लाईन के अनुसार इमामबाड़े के अन्दर ही कराई जाएगी।

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प्रयागराज। इमामबाड़ा नक़ी बेग रानी मण्डी मे चुप ताज़िया अशरा ए मजलिस के अन्तिम दिन ब्रहस्पतवार को रात्रि आठ बजे मौलाना रज़ी हैदर की तक़रीर के बाद शबीहे ताबूत इमाम हसन अस्करी गुलाब और चमेली के फूलों से सजा कर इमामबाड़े की सभी लाईटों को बुझा कर मोमबत्ती की रौशनी और सुगन्धित लोहबान की धूनी के बीच निकाला गया। अन्जुमन ग़ुन्चा ए कासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के अनुसार मजलिस के बाद अन्जुमन हैदरिया रानीमण्डी के नौहाख्वान हसन रिज़वी व अन्य नौहाख्वानो ने शहादत इमाम हसन अस्करी पर पुरसा पेश करते हुए रवायती अन्दाज़ में क़दीमी नौहा पढ़ा। मजलिस के आयोजक बशीर हुसैन व बब्बू भाई ने अय्यामे अज़ा के आखरी दिन शुक्रवार को इमामबाड़ा नक़ी बेग चकय्या नीम रानी मण्डी से उठने वाले चुप ताज़िया जुलूस कोरोना गाईड लाईन के कारण नही निकालते हुए इमामबाड़े के अन्दर ही ज़ियारत कराने की बात कही।  उन्होंने अक़ीदतमन्दों से मास्क लगा कर सोशल डिस्टेन्सिंग व सरकारी गाईड लाईन को मानते हुए शरीक होने की अपील की। चुप ताज़िया ,अलम व ज़ुलजनाह की ज़ियारत प्रातः 9 बजे दिन मे 1 बजे तक कराई जायगी। उसके बाद तबरुक़ात पर चढ़ाए गए फूलों को चकिया करबला क़ब्रिस्तान मे सुपुर्देखाक कर दिया जाएगा। वहीं दरियाबाद के ऐतिहासिक बंगला से चुप ताज़िया नहीं निकालते हुए सभी आयोजन इमामबाड़ा अरब अली खाँ मे होगा। जुलूस के आयोजक तुराब हैदर बाबू भाई के अनुसार मजलिस दिन मे 11 बजे शुरु होगी और मातमी अन्जुमनो के द्वारा नौहा और मातम का सिलसिला बाद नमाज़ जुमा लगभग 1 बजे से शुरु होगा। सभी मातमी अन्जुमने एक नौहा बंगले मे पढ़ेंगी और बाक़ी के सारे कार्यक्रम इमामबाड़ा अरब अली खाँ के अन्दूरीनी हिस्से मे होंगे। शबीहों की ज़ियारत कोविड गाईड लाईन के अनुसार इमामबाड़े के अन्दर ही कराई जाएगी।

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