5 पन्ने के नोट में लगाया शिष्य आनंद गिरि पर प्रताड़ना का आरोप पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच की गुत्थी सुलझाने में जुटी
प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महंत और बाघम्बरी के आचार्य नरेंद्र गिरी की सोमवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह अपने कमरे में फांसी पर झूलते हुए मिले। उनका शव फांसी के फंदे से झूल रहा था। जब पुलिस अंदर पहुंची और तलाशी ली तो उनके पास से 5 पन्ने का सुसाइड नोट मिला। जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट की राइटिंग की जांच करवाने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कर रही है। मामला हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रहा है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघमबारी मठ के श्री महंत नरेंद्र गिरी आज सुबह अपने दैनिक कार्यों में से निवृत्त होकर कुछ देर पूजन पाठ में लगे रहे। दोपहर में उन्होंने अपने शिष्यों के साथ भोजन भी किया, वह भी हंसी मजाक करते हुए। उसके बाद वह अपने कमरे में आराम करने चले गए। देर शाम तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आए तो उनके शिष्य उन्हें जगाने गए। दरवाजा अंदर से बंद मिला तो शिष्यों ने खिड़की से भीतर झांका। अंदर श्री महंत फांसी के फंदे से लटक रहे थे। यह देख कर शिष्यों की हालत पतली हो गई। उन्होंने शोर मचाते हुए मठ के अन्य पदाधिकारियों को जानकारी दी सूचना मिलते ही मठ के लोग इकट्ठा हो गए और नरेंद्र गिरी के कमरे के दरवाजे को तोड़कर अंदर गए। उन्होंने अंदर की स्थिति देखी तो पुलिस ने सूचना दी। सूचना मिलते ही इस्पेक्टर जार्जटाउन अपने दल बल समेत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी तो जनपद के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस में ने शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। उसके बाद उनके कपड़ों की तलाशी ली गई। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार के अनुसार श्री महंत के पास से 5 पन्ने का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें उन्होंने अपने पूर्व शिष्य आनंद गिरि पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाने के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें




































































