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जनप्रतिनिधियों का कोई सहयोग नहीं मिला अंकित के परिजनों को

हनुमानगंज। बीस दिन से हलाकान अंकित बिन्द के परिवार को मीडिया भले सुर्खियों में रखा हो किन्तु जनप्रतिनिधियों ने इतनी बड़ी घटना पर इस परिवार का कोई सहयोग नहीं कर है। उसी का परिणाम है कि चार दिन से लाश मिल जाने के बाद भी परिजनों को नहीं मिल पा रही है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के अंदावा गाँव के अंकित के अपहरण, फिरौती और हत्या की इतनी बड़ी घटना हुई और पूरा परिवार लगभग बीस दिन से हलाकान है इस बीच कोई भी जनप्रतिनिधि भुक्तभोगी के दरवाजे झांकने तक नहीं गया। गाँव के सत्ता पक्ष के विधायक भी आश्वासन देने नहीं गये। लोगों में इस बात की चर्चा भी है कि जब गाँव में ही विधायक नहीं पहुंच पाये तो क्षेत्र में कैसे पहुंचेंगे। इसके अतिरिक्त सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य तथा अन्य कोई भी जनप्रतिनिधि भुक्तभोगी के दरवाजे पर आश्वाशन देने नहीं पहुंचा। न तो सत्ता पक्ष और न ही किसी राजनीतिक दल के लोग सांत्वना देने नहीं आये। चार दिन से लाश मिलने के बाद भी पोस्टमार्टम के लिए मिर्जापुर से वाराणसी दौडाया जा रहा है।

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हनुमानगंज। बीस दिन से हलाकान अंकित बिन्द के परिवार को मीडिया भले सुर्खियों में रखा हो किन्तु जनप्रतिनिधियों ने इतनी बड़ी घटना पर इस परिवार का कोई सहयोग नहीं कर है। उसी का परिणाम है कि चार दिन से लाश मिल जाने के बाद भी परिजनों को नहीं मिल पा रही है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के अंदावा गाँव के अंकित के अपहरण, फिरौती और हत्या की इतनी बड़ी घटना हुई और पूरा परिवार लगभग बीस दिन से हलाकान है इस बीच कोई भी जनप्रतिनिधि भुक्तभोगी के दरवाजे झांकने तक नहीं गया। गाँव के सत्ता पक्ष के विधायक भी आश्वासन देने नहीं गये। लोगों में इस बात की चर्चा भी है कि जब गाँव में ही विधायक नहीं पहुंच पाये तो क्षेत्र में कैसे पहुंचेंगे। इसके अतिरिक्त सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य तथा अन्य कोई भी जनप्रतिनिधि भुक्तभोगी के दरवाजे पर आश्वाशन देने नहीं पहुंचा। न तो सत्ता पक्ष और न ही किसी राजनीतिक दल के लोग सांत्वना देने नहीं आये। चार दिन से लाश मिलने के बाद भी पोस्टमार्टम के लिए मिर्जापुर से वाराणसी दौडाया जा रहा है।

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