प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्त नन्हे उर्फ आशीष पुत्र अमरनथ व भोलई उर्फ प्रदीप पुत्र राम आसरे पाल निवासीगण हथसारा थाना कोहंडौर को बलात्कार धमकाने व भय में डालने के आरोप मे प्रत्येक को सात सात वर्ष का कारावास तथा 90000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश पारित किया। अर्थदण्ड न अदा करने पर दो दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदण्ड की धनराशि का 8 फीसदी भुगतान पीड़िता को करना होगा। अभियुक्तगण को जेल में बितायी गयी अवधि सजा में समायोजित की जायेगी।
बता दे कि 7 अक्टूबर 2014 को इस आशय का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि प्रार्थिनी का पूरा परिवार मुम्बई में रहता है। पिछले एक साल से अपनी 15 वर्ष की लड़की के साथ अपनी बूढ़ी मां की देखभाल हेतु अपने घर में रह रही हू। घटना 5 अक्टूबर 2014 को इलाज के लिए प्रतापगढ़ गयी थी। रात को वापस नहीं आई। उसी रात मेर पड़ोस का नन्हे उर्फ आशीष पुत्र अमरनाथ घर में पुत्री को अकेला पाकर जान से मार डालने की धमकी देते हुए जबरन मुंह दबाकर बुरा काम किया। जब मै घर लौटी तो मेरी लड़की ने रो रो कर सारी बात बतायी। मैने घर वालो से शिकायत किया और बदनामी को ध्यान में रखते हुए संतोष कर लिया। लेकिन बीती रात करीब एक बजे नन्हे का दोस्त भुलई उर्फ प्रदीप मेरे घर में घुस कर मेरी लड़की को डरा धमका कर 5 अक्टूबर 2014 की रात की घटना को सार्वजनिक कर देने की धमकी देकर मुंह दबाकर जबरन बुरा काम किया। लड़की के चिल्लाने पर मेरी आंख खुली। मैने नन्हे को पकड़ने का प्रयास किया। तो मुझे धक्का देकर भाग गया तथा धमकी दिया कि कही शिकायत इस ात की किया तो दोनो को जान से मार दूंगा। सभी लोग दहशत में है। राज्य की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता निर्भय सिंह एडवोकेट ने किया।
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्त नन्हे उर्फ आशीष पुत्र अमरनथ व भोलई उर्फ प्रदीप पुत्र राम आसरे पाल निवासीगण हथसारा थाना कोहंडौर को बलात्कार धमकाने व भय में डालने के आरोप मे प्रत्येक को सात सात वर्ष का कारावास तथा 90000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश पारित किया। अर्थदण्ड न अदा करने पर दो दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदण्ड की धनराशि का 8 फीसदी भुगतान पीड़िता को करना होगा। अभियुक्तगण को जेल में बितायी गयी अवधि सजा में समायोजित की जायेगी।
बता दे कि 7 अक्टूबर 2014 को इस आशय का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि प्रार्थिनी का पूरा परिवार मुम्बई में रहता है। पिछले एक साल से अपनी 15 वर्ष की लड़की के साथ अपनी बूढ़ी मां की देखभाल हेतु अपने घर में रह रही हू। घटना 5 अक्टूबर 2014 को इलाज के लिए प्रतापगढ़ गयी थी। रात को वापस नहीं आई। उसी रात मेर पड़ोस का नन्हे उर्फ आशीष पुत्र अमरनाथ घर में पुत्री को अकेला पाकर जान से मार डालने की धमकी देते हुए जबरन मुंह दबाकर बुरा काम किया। जब मै घर लौटी तो मेरी लड़की ने रो रो कर सारी बात बतायी। मैने घर वालो से शिकायत किया और बदनामी को ध्यान में रखते हुए संतोष कर लिया। लेकिन बीती रात करीब एक बजे नन्हे का दोस्त भुलई उर्फ प्रदीप मेरे घर में घुस कर मेरी लड़की को डरा धमका कर 5 अक्टूबर 2014 की रात की घटना को सार्वजनिक कर देने की धमकी देकर मुंह दबाकर जबरन बुरा काम किया। लड़की के चिल्लाने पर मेरी आंख खुली। मैने नन्हे को पकड़ने का प्रयास किया। तो मुझे धक्का देकर भाग गया तथा धमकी दिया कि कही शिकायत इस ात की किया तो दोनो को जान से मार दूंगा। सभी लोग दहशत में है। राज्य की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता निर्भय सिंह एडवोकेट ने किया।



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