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हत्या जानलेवा हमले के चार आरोपियो को उम्रकैद

प्रतापगढ़ (ब्यूरो) अपर सत्र न्यायाधीश कुंदन किशोर ने हत्या जानलेवा हमले के आरोपीगण हरी प्रभाकर मिश्र उर्फ छेदू, शशि प्रभकर उर्फ नत्थू शिव प्रभाकर मिश्र उर्फ नान बाबू किरण प्रभाकर मिश्र निवासीगण पूरे कंठी मजरे सुजाखर थाना सांगीपुर को दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास 52000/- 52000/- रूपया अर्थदण्ड से दण्डित किया। वादी मुकदमा वरूण कुमार मिश्र सुत अम्बिका प्रसाद मिश्र निवासी पूरे कंसी मजरे सुजाखर थाना सांगीपुर के अनुसार उसके गांव गटा सं. 493 पर गांव के हरी प्रभाकर, शिवप्रभाकर उर्फ नानबाबू, शशिप्रभाकर उर्फ नानबाबू एवं किरण प्रभाकर उर्फ नान बाबू अवैध कब्जा कर रहे थे इस अवैध कब्जे के सम्बंध में मेरे पिता अम्बिका प्रसाद ने एक सितम्बर 2015 को तहसील दिवस पर शिकायत की थी। घटना 10 सितम्बर 2015 को शाम 5.30 पर मै मेरा छोटा भाई अजय मिश्र रास्ते से वापस रहे थे। हम श्रीराम हरिजन के खेत के पास पहुंचे तो ये चारो लोग लाठी डण्डा चाकू से लैस मिले और कहा कि बहुत बड़े नेता बनते हो हमारे खिलाफ प्रार्थना पत्र दिए हो। इतना कहकर उसने मेरे भाई को मारने पीटने लगे। हमारे पिता चिल्लाते हुए बचाने दौड़े तो उन्हे भी मारा पीटा तथा अपना ट्रैक्टर लाकर मेरे पिता के उपर चढ़ा दिया। बाबा राजनारायण बचाने दौड़े तो उन्हे भी मारा पीटा। जिला अस्पताल लाये जाने पर मेरे पिता को मृत्यु घोषित कर दिया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।

 

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो) अपर सत्र न्यायाधीश कुंदन किशोर ने हत्या जानलेवा हमले के आरोपीगण हरी प्रभाकर मिश्र उर्फ छेदू, शशि प्रभकर उर्फ नत्थू शिव प्रभाकर मिश्र उर्फ नान बाबू किरण प्रभाकर मिश्र निवासीगण पूरे कंठी मजरे सुजाखर थाना सांगीपुर को दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास 52000/- 52000/- रूपया अर्थदण्ड से दण्डित किया। वादी मुकदमा वरूण कुमार मिश्र सुत अम्बिका प्रसाद मिश्र निवासी पूरे कंसी मजरे सुजाखर थाना सांगीपुर के अनुसार उसके गांव गटा सं. 493 पर गांव के हरी प्रभाकर, शिवप्रभाकर उर्फ नानबाबू, शशिप्रभाकर उर्फ नानबाबू एवं किरण प्रभाकर उर्फ नान बाबू अवैध कब्जा कर रहे थे इस अवैध कब्जे के सम्बंध में मेरे पिता अम्बिका प्रसाद ने एक सितम्बर 2015 को तहसील दिवस पर शिकायत की थी। घटना 10 सितम्बर 2015 को शाम 5.30 पर मै मेरा छोटा भाई अजय मिश्र रास्ते से वापस रहे थे। हम श्रीराम हरिजन के खेत के पास पहुंचे तो ये चारो लोग लाठी डण्डा चाकू से लैस मिले और कहा कि बहुत बड़े नेता बनते हो हमारे खिलाफ प्रार्थना पत्र दिए हो। इतना कहकर उसने मेरे भाई को मारने पीटने लगे। हमारे पिता चिल्लाते हुए बचाने दौड़े तो उन्हे भी मारा पीटा तथा अपना ट्रैक्टर लाकर मेरे पिता के उपर चढ़ा दिया। बाबा राजनारायण बचाने दौड़े तो उन्हे भी मारा पीटा। जिला अस्पताल लाये जाने पर मेरे पिता को मृत्यु घोषित कर दिया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।

 

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