V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

अमालेस के कवि सम्मेलन में कवियों ने सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया ।

प्रतापगढ़ । रविआभा युगनिर्माण समाज एवं एजुकेशनल एण्ड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के साहित्यिक अंग “अन्तर्राष्ट्रीय मानवतावादी लेखक संगठन”(अमालेस) के तत्वावधान में कालजयी साहित्यकार कथासम्राट मुंशी प्रेमचन्द की जयन्ती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी ।सम्पूर्ण भारत के कोने-कोने से साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया।मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में पश्चिम बंगाल में शिक्षक रूप में कार्यरत युवा विद्रोही आलोचक कुमार सुशांत ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से प्रेमचंद के कृतित्व व व्यकित्व  के सभी पहलुओ पर विस्तार से बताया।विशिष्ट अतिथि के रूप में  जितेन्द्र झा जी,डाँ.निवास त्यागी  एवं राजेश मिश्रा  ने अपने अमूल्य विचारों से सच्चे साहित्यकार के  सम्पूर्ण गुणदर्शन पर प्रकाश डाले और प्रेमचन्द के बहाने यह बताने का प्रयास किए कि सच्चा साहित्यकार होना ही प्रेमचन्द. होना है।कार्यक्रम का संचलन अमालेस राष्ट्रीय अध्यक्षा पुष्पलता लक्ष्मी एवं अमालेस उत्तरप्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा जी ने संयुक्त रूप से किया ।इस अवसर पर साहित्यकारों ने  कर अपने अमूल्य वाणी से ,संस्मरण से, कविताओं से  प्रेमचंद जी को श्रद्धांजलि अर्पित किए ।पुष्प लता लक्ष्मी,

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

प्रतापगढ़ । रविआभा युगनिर्माण समाज एवं एजुकेशनल एण्ड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के साहित्यिक अंग “अन्तर्राष्ट्रीय मानवतावादी लेखक संगठन”(अमालेस) के तत्वावधान में कालजयी साहित्यकार कथासम्राट मुंशी प्रेमचन्द की जयन्ती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी ।सम्पूर्ण भारत के कोने-कोने से साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया।मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में पश्चिम बंगाल में शिक्षक रूप में कार्यरत युवा विद्रोही आलोचक कुमार सुशांत ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से प्रेमचंद के कृतित्व व व्यकित्व  के सभी पहलुओ पर विस्तार से बताया।विशिष्ट अतिथि के रूप में  जितेन्द्र झा जी,डाँ.निवास त्यागी  एवं राजेश मिश्रा  ने अपने अमूल्य विचारों से सच्चे साहित्यकार के  सम्पूर्ण गुणदर्शन पर प्रकाश डाले और प्रेमचन्द के बहाने यह बताने का प्रयास किए कि सच्चा साहित्यकार होना ही प्रेमचन्द. होना है।कार्यक्रम का संचलन अमालेस राष्ट्रीय अध्यक्षा पुष्पलता लक्ष्मी एवं अमालेस उत्तरप्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा जी ने संयुक्त रूप से किया ।इस अवसर पर साहित्यकारों ने  कर अपने अमूल्य वाणी से ,संस्मरण से, कविताओं से  प्रेमचंद जी को श्रद्धांजलि अर्पित किए ।पुष्प लता लक्ष्मी,

Leave a Comment