प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सावन के पहले सोमवार को शिव भक्तो की भीड़ शिवालयो पर जुटी रही। हर हर, बम बम के जयकारे संग भक्तो ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनी कृपा पाने का प्रयास किया। कुण्डा इलाके के पौराणिक शिवमंदिर के पतित पावनी गंगा के किनारे बने होने से भक्तो की भीड़ वहां सुबह से ही जुटी लगी थी। गंगा में डुबकी लगाने के बाद शिवभक्तो ने बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, फूल, दूध, दही और गंगाजल से भगवान शिव का पूजन अर्चन किया। साथ ही जलाभिषेक किया। मंदिर में पूर दिन भक्तो की भीड़ जुटी रही। मानिकपुर और कालाकांकर गंगा घाट से गंगा जल लेकर तमाम शिवभक्त बाबा घुइसरनाथ धाम के लिए रवाना हुए। साथ ही क्षेत्र के झारखण्डेश्वर महादेव, नील कण्ठेश्वर महादेव, गौरी शंकरन आदि मंदिरो में भी जलाभिषेक किया।
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सावन के पहले सोमवार को शिव भक्तो की भीड़ शिवालयो पर जुटी रही। हर हर, बम बम के जयकारे संग भक्तो ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनी कृपा पाने का प्रयास किया। कुण्डा इलाके के पौराणिक शिवमंदिर के पतित पावनी गंगा के किनारे बने होने से भक्तो की भीड़ वहां सुबह से ही जुटी लगी थी। गंगा में डुबकी लगाने के बाद शिवभक्तो ने बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, फूल, दूध, दही और गंगाजल से भगवान शिव का पूजन अर्चन किया। साथ ही जलाभिषेक किया। मंदिर में पूर दिन भक्तो की भीड़ जुटी रही। मानिकपुर और कालाकांकर गंगा घाट से गंगा जल लेकर तमाम शिवभक्त बाबा घुइसरनाथ धाम के लिए रवाना हुए। साथ ही क्षेत्र के झारखण्डेश्वर महादेव, नील कण्ठेश्वर महादेव, गौरी शंकरन आदि मंदिरो में भी जलाभिषेक किया।



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