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नहरो में पानी आने से सूख रहे धान के पौधे

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। किसान बारिश न होने के कारण जहां धान की रोपाई नहीं कर पा रहे है। वही जिले में तमाम नहरे सूखी पड़ी है। इससे जहां धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। वही जहां पर रोपाई हो गई है वहां पर खेत में धान के पौधे पानी के अभाव में सूख रहे है। बताते चले कि जिले के तमाम किसानो ने शुरूआत में बारिश होने के कारण धान की रोपाई कर दिया है। अब पानी के अभाव में धान के पौधे सूखने लगे है। हालत यह है कि खेत की सिचाई तो दूर धान की नर्सरी बचा पाना मुश्किल हो रहा है। डीजल इतना महंगा हो गया है कि खेत को पम्पिंग सेट से सीचना सभी के बस की बात नहीं है। उधर सिचाई विभाग भी अगल राग अलाप रहा है। अधिकारी यह बात तो स्वीकार करते है कि इस समय किसानो को पानी की जरूरत है। वही जरूरत के मुताबिक पानी मिल नहीं रहा है। दूसरी तरफ किसानो को धान की नर्सरी खराब होने का भय भी सता रहा है। सिचाई बंधु के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने विभागीय अधिकारियो पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोस्टर के मुताबिक 25 जून से नहरो में पानी आना थ। जबकि अभी तक पानी न आने से धान की रोपाई पिछड़ रही है। उन्होने कहा कि अधिकारियो के मनमानी की शिकायत शासन को भेजकर नहरो में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की गई है।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। किसान बारिश न होने के कारण जहां धान की रोपाई नहीं कर पा रहे है। वही जिले में तमाम नहरे सूखी पड़ी है। इससे जहां धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। वही जहां पर रोपाई हो गई है वहां पर खेत में धान के पौधे पानी के अभाव में सूख रहे है। बताते चले कि जिले के तमाम किसानो ने शुरूआत में बारिश होने के कारण धान की रोपाई कर दिया है। अब पानी के अभाव में धान के पौधे सूखने लगे है। हालत यह है कि खेत की सिचाई तो दूर धान की नर्सरी बचा पाना मुश्किल हो रहा है। डीजल इतना महंगा हो गया है कि खेत को पम्पिंग सेट से सीचना सभी के बस की बात नहीं है। उधर सिचाई विभाग भी अगल राग अलाप रहा है। अधिकारी यह बात तो स्वीकार करते है कि इस समय किसानो को पानी की जरूरत है। वही जरूरत के मुताबिक पानी मिल नहीं रहा है। दूसरी तरफ किसानो को धान की नर्सरी खराब होने का भय भी सता रहा है। सिचाई बंधु के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने विभागीय अधिकारियो पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोस्टर के मुताबिक 25 जून से नहरो में पानी आना थ। जबकि अभी तक पानी न आने से धान की रोपाई पिछड़ रही है। उन्होने कहा कि अधिकारियो के मनमानी की शिकायत शासन को भेजकर नहरो में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की गई है।

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