सुल्तानपुर। धीरे-धीरे सुल्तानपुर जनपद ही नहीं अगल-बगल के जनपद वाले भी जानने लगे हैं कि सुल्तानपुर के पौराणिक स्थलों की साफ-सफाई,सुरक्षा,व्यवस्था के लिए गोमती मित्र मंडल पिछले आठ वर्षों से सतत प्रयत्नशील है और जहां तक नगर क्षेत्र के पौराणिक स्थान सीताकुंड धाम की बात है वह गोमती मित्रों के लिए स्थान ना होकर उनकी आत्मा है, ऐसा कहना है युवा मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी सौरभ कसौधन का। वे कहते हैं कि गोमती मित्रों ने पिछले आठ वर्षों में सीता कुंड धाम पर काफी मेहनत की है और उसे दर्शनीय स्थान बनाने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह एवं मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी भी उसमें आगे जोड़ते हैं कि गोमती मित्रों का लक्ष्य सीता कुंड धाम को न केवल दर्शनीय बनाना है बल्कि उसे राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना है । २३ मई का सप्ताहिक श्रमदान भी अपने नियत समय प्रातः ६:०० बजे से शुरू होकर पूरी साफ सफाई करने के बाद ०९:०० बजे समाप्त हुआ। मुख्य रूप से संतकुमार प्रधान, विनोद सेठ, दाऊजी, सुनील कसौंधन, जयनाथ, हरजीत, संतोष, श्याम, अर्जुन, वासु,अभय आदि उपस्थित रहे।
सुल्तानपुर। धीरे-धीरे सुल्तानपुर जनपद ही नहीं अगल-बगल के जनपद वाले भी जानने लगे हैं कि सुल्तानपुर के पौराणिक स्थलों की साफ-सफाई,सुरक्षा,व्यवस्था के लिए गोमती मित्र मंडल पिछले आठ वर्षों से सतत प्रयत्नशील है और जहां तक नगर क्षेत्र के पौराणिक स्थान सीताकुंड धाम की बात है वह गोमती मित्रों के लिए स्थान ना होकर उनकी आत्मा है, ऐसा कहना है युवा मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी सौरभ कसौधन का। वे कहते हैं कि गोमती मित्रों ने पिछले आठ वर्षों में सीता कुंड धाम पर काफी मेहनत की है और उसे दर्शनीय स्थान बनाने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह एवं मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी भी उसमें आगे जोड़ते हैं कि गोमती मित्रों का लक्ष्य सीता कुंड धाम को न केवल दर्शनीय बनाना है बल्कि उसे राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना है । २३ मई का सप्ताहिक श्रमदान भी अपने नियत समय प्रातः ६:०० बजे से शुरू होकर पूरी साफ सफाई करने के बाद ०९:०० बजे समाप्त हुआ। मुख्य रूप से संतकुमार प्रधान, विनोद सेठ, दाऊजी, सुनील कसौंधन, जयनाथ, हरजीत, संतोष, श्याम, अर्जुन, वासु,अभय आदि उपस्थित रहे।



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