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उपचार के अभाव में प्रसव पीड़िता की मौत, कोहराम

कोरोना कहर के कारण जिला महिला अस्पताल में नही किया गया भर्ती

गौरा (नि.सं.)। कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ने के कारण प्रसव पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। ऐसे में परिजन उसे लेकर घर चले गए। वहां उपचार के अभाव में प्रसव पीड़िता की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। घटना फतनपुर इलाके के गांव नौड़ेरा की है। नौड़ेरा गांव निवासिनी कुजरी देवी 20 पत्नी नारायण चैरसिया को चार पांच दिन पूर्व प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिजन उसे सीएचसी गौरा ले गए। वहां पर उसकी हालत गंभीर देख डाक्टरो ने जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे जिला महिला अस्पताल ले गए। इस समय कोरोना का संक्रमण बढ़ने के कारण उसे महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए। वहां पर उससे बीस हजार रूपए मांगा जा रहा था। पैसे के अभाव में परिजन उसे वहां न भर्ती कराकर घर ले गए। वहां पर पति नारायण चैरसिया आज मजदूरी करने गया था। वह मजदूरी करके लौटा तो पत्नी कुंजरी देवी की मौत हो चुकी थी। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। साथ ही ग्रामीण सरकार की व्यवस्था को कोसते दिखाई पड़े।

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कोरोना कहर के कारण जिला महिला अस्पताल में नही किया गया भर्ती

गौरा (नि.सं.)। कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ने के कारण प्रसव पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। ऐसे में परिजन उसे लेकर घर चले गए। वहां उपचार के अभाव में प्रसव पीड़िता की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। घटना फतनपुर इलाके के गांव नौड़ेरा की है। नौड़ेरा गांव निवासिनी कुजरी देवी 20 पत्नी नारायण चैरसिया को चार पांच दिन पूर्व प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिजन उसे सीएचसी गौरा ले गए। वहां पर उसकी हालत गंभीर देख डाक्टरो ने जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे जिला महिला अस्पताल ले गए। इस समय कोरोना का संक्रमण बढ़ने के कारण उसे महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए। वहां पर उससे बीस हजार रूपए मांगा जा रहा था। पैसे के अभाव में परिजन उसे वहां न भर्ती कराकर घर ले गए। वहां पर पति नारायण चैरसिया आज मजदूरी करने गया था। वह मजदूरी करके लौटा तो पत्नी कुंजरी देवी की मौत हो चुकी थी। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। साथ ही ग्रामीण सरकार की व्यवस्था को कोसते दिखाई पड़े।

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