V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

सकारात्मक सोच ने दी परिवार को कोरोना से मात

जौनपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने लोगों के जेहन में सिहरन पैदा कर दी है।   एक ऐसा भी परिवार है जो अपने बुलंद हौसले से कोरोना को मात देकर आज पूरी तरह से हंसी-खुशी जिदगी बीता रहा है। यही बुलंद हौसले से दूसरों को साहस देने का काम कर रहा है।कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी के साथ बढ़ रही है और आम जनमानस टीवी चैनलों आदि को देखकर भयभीत हो रहा हैं, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बुलंद हौसले से कोरोना से जंग जीता जा सकता है। यह कहना है कोरोना संक्रमण की पहली लहर में पत्नी व बच्चों के साथ संक्रमण की चपेट में आने वाले शाहगंज कस्बे के जेसीज चैक निवासी रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी दीपक अग्रहरि का। बताया कि मैं, पत्नी शालिनी पुत्र प्रांजल व अद्विक 12 जुलाई 2020 को संक्रमित हो गए। परिवार को कोरोना संक्रमित होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग से मिली तो कुछ समय के लिए भय महसूस हुआ। सभी को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बने एल-वन अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां दवा व खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी थी। फिर क्या पूरे परिवार ने सकारात्मक सोच के साथ इससे जंग लड़ी और एक सप्ताह के भीतर संक्रमण को मात देकर अस्पताल से घर वापस लौट आया। दीपक कहते हैं कि दूसरी लहर में संक्रमण के तेजी से फैलने से घबराने की जरूरत नहीं है। इससे बचाव के लिए मास्क लगाना व दो गज दूरी बनाए रखना जरूरी है।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

जौनपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने लोगों के जेहन में सिहरन पैदा कर दी है।   एक ऐसा भी परिवार है जो अपने बुलंद हौसले से कोरोना को मात देकर आज पूरी तरह से हंसी-खुशी जिदगी बीता रहा है। यही बुलंद हौसले से दूसरों को साहस देने का काम कर रहा है।कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी के साथ बढ़ रही है और आम जनमानस टीवी चैनलों आदि को देखकर भयभीत हो रहा हैं, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बुलंद हौसले से कोरोना से जंग जीता जा सकता है। यह कहना है कोरोना संक्रमण की पहली लहर में पत्नी व बच्चों के साथ संक्रमण की चपेट में आने वाले शाहगंज कस्बे के जेसीज चैक निवासी रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी दीपक अग्रहरि का। बताया कि मैं, पत्नी शालिनी पुत्र प्रांजल व अद्विक 12 जुलाई 2020 को संक्रमित हो गए। परिवार को कोरोना संक्रमित होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग से मिली तो कुछ समय के लिए भय महसूस हुआ। सभी को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बने एल-वन अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां दवा व खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी थी। फिर क्या पूरे परिवार ने सकारात्मक सोच के साथ इससे जंग लड़ी और एक सप्ताह के भीतर संक्रमण को मात देकर अस्पताल से घर वापस लौट आया। दीपक कहते हैं कि दूसरी लहर में संक्रमण के तेजी से फैलने से घबराने की जरूरत नहीं है। इससे बचाव के लिए मास्क लगाना व दो गज दूरी बनाए रखना जरूरी है।

Leave a Comment