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समाजसेवी रामचरन पाल स्मृति सम्मान समारोह

विकासखंड सदर के सरायदली ग्राम सभा में अयोध्या से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक ग्वाला नृत्य (अहिरौआ) के मोहक प्रदर्शन से सब का मन मोह लिया। पैरों में तथा कमर तक घुंघरू पहने कृष्ण लीला, बिरहा तथा भजन गाकर कलाकारों ने पुराने दिनों की याद ताजा कर दी। नगारा, नगरची, हारमोनियम, ढोलक, झाँझ तथा मजीरा के वादकों सहित सभी कलाकारों को शाल, माला से सम्मानित किया गया।प्रमुख कलाकार त्रिलोकी प्रसाद ने सबका नेतृत्व किया। गायन में धर्मराज यादव तथा रामपाल यादव ने सहयोग किया। नगारा कलाकार हीरालाल, हारमोनियम अमरनाथ, ढोलक पर शिवराम ने संगत की। विजय तथा मुनीश्वर की गायकी शानदार रही।सम्मान करते हुए एलायंस क्लब इंटरनेशनल निदेशक रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि गीत, संगीत तथा नृत्य जैसी लोक कलाओं को जीवित किया जाना चाहिए। इससे संस्कृति संरक्षित होगी। अध्यक्षता करने वाले डॉक्टर दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि लोक कलाकारों में माधुर्य होता है। इससे मन को शांति मिलती है। इस अवसर पर अभय राजपाल, मदनपाल, वीरेंद्र कुमार मौर्य, अरविंद पाल, विवेक यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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